बिहार कैबिनेट की बैठक में 22 अहम फैसलों पर मुहर, एम्स विस्तार और सोलर परियोजनाओं को मंजूरी

बिहार कैबिनेट की बैठक में 22 अहम फैसलों पर मुहर, एम्स विस्तार और सोलर परियोजनाओं को मंजूरी

पटना, 8 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और शहरी विकास से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों में मत्स्य क्षेत्र के लिए नई संस्था के गठन, एम्स पटना के विस्तार, केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना, रूफटॉप सोलर परियोजना और कृषि योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में बिहार में मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार का मानना है कि इस पहल से आधुनिक मत्स्य अवसंरचना का विकास होगा, निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक सरकारी एवं सरकार के अधीन भवनों पर कुल 500 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की मंजूरी दी गई। यह परियोजना आरईएससीओ मॉडल के तहत लागू होगी तथा संबंधित विभाग ऊर्जा खरीद के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट करेंगे। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 'दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन' के तहत खरीफ, रबी और गरमा मौसम की विभिन्न दलहनी फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए 79.84 करोड़ रुपए की योजना को स्वीकृति दी गई।

वहीं, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए 154 करोड़ रुपए तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत खाद्यान्न एवं वाणिज्यिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए 44.63 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी मिली। शहरी विकास के क्षेत्र में राज्य सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए अहमदाबाद स्थित सीईपीटी विश्वविद्यालय की सलाहकार इकाई को तकनीकी सहायता एजेंसी के रूप में नामित करने की स्वीकृति दी।

इसके साथ ही पाटलिपुत्र (पटना), हरिहरनाथपुर (सोनपुर), मगध (गया) और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए आवश्यकतानुसार भूमि क्रय एवं अधिग्रहण का भी निर्णय लिया गया। शिक्षा के क्षेत्र में कैबिनेट ने मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए पांच-पांच एकड़ भूमि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन केंद्रीय विद्यालय संगठन को मात्र एक रुपए के टोकन लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।

स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स पटना के विस्तार के लिए दानापुर के मौजा-भूसौला में 26.76 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। लगभग 348.90 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना से सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा, मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई गति मिलने के साथ प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

--आईएएनएस

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