भोपाल-इंदौर के मास्टर प्लान के लिए 50 हजार कांग्रेसजन निकालेंगे पदयात्रा: जीतू पटवारी

भोपाल-इंदौर मास्टर प्लान के लिए कांग्रेस का उपवास और पदयात्रा की चेतावनी
भोपाल-इंदौर

भोपाल, 12 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस नेताओं ने 31 घंटे का उपवास रखा। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चेतावनी दी है कि अगर तीन महीने के भीतर भोपाल और इंदौर में मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया तो 50 हजार कांग्रेसी कार्यकर्ता भोपाल से इंदौर तक की पदयात्रा करेंगे।

राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा द्वारा भोपाल मास्टर प्लान लागू करने की मांग को लेकर आयोजित 31 घंटे के उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने सम्मिलित होकर समर्थन व्यक्त किया। पटवारी ने कहा कि भोपाल और इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार आवाज उठाती रही है।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भोपाल के मास्टर प्लान की मांग को लेकर उपवास किया है। इससे पहले व्यापारियों और विधायक आरिफ मसूद ने भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया है। कांग्रेस पार्टी ने समय-समय पर सरकार से भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से कांग्रेस पार्टी आग्रह करती है कि अगले तीन महीने के भीतर भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान जारी किया जाए। मास्टर प्लान के अभाव में शहरों का बेतरतीब विकास हो रहा है, जिससे आम जनता और व्यापारी दोनों परेशान हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन महीने के भीतर भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान नहीं लाया गया और व्यापारियों तथा जनता की परेशानियां जारी रहीं तो कांग्रेस पार्टी इंदौर से भोपाल तक 50 हजार लोगों के साथ पदयात्रा निकालेगी। यह पदयात्रा केवल मास्टर प्लान की मांग तक सीमित नहीं होगी, बल्कि प्रदेश में फैल रहे भ्रष्टाचार और बेतरतीब विकास के खिलाफ भी जनआंदोलन का रूप लेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से वोट लिए हैं और यदि जनता को मूलभूत सुविधाओं तथा व्यवस्थित विकास के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है तो यह जनता के साथ अन्याय है। कांग्रेस पार्टी जनता और व्यापारियों की आवाज बनकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के ऐसे पहले नेता प्रतिपक्ष हैं, जो किसी गैर-राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इसके बावजूद मोहन सरकार ने कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग के नाम पर 10 लाख का शुल्क लिया है।

--आईएएनएस

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