कोलकाता, 5 अगस्त (आईएएनएस)। पिछली राज्य सरकार की 'बांग्लार बारी परियोजना' का नाम स्थायी रूप से बदलकर 'पश्चिम बंगाल आवास' कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी राज्य सचिवालय स्थित नबन्ना सभागार से इस नई नाम वाली परियोजना के तहत राज्य के 10 लाख परिवारों के खातों में दूसरी किस्त सीधे हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने दूसरे चरण में कुल 18 लाख परिवारों को घर बनाने के लिए अनुदान देने का वादा किया था। इस परियोजना के तहत प्रत्येक परिवार को 1 लाख 20 हजार रुपए दिए गए थे। विधानसभा चुनाव से पहले 60 हजार रुपए की पहली किस्त भी दी जा चुकी थी।
राज्य में सरकार बदलने के कारण दूसरी किस्त का भुगतान लंबित था। इस बार, नए सर्वेक्षण के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई सरकार पात्र लाभार्थियों के खातों में दूसरी किस्त भेजने जा रही है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना का नाम बदलकर बांग्लार बारी कर दिया था। अब परियोजना का नाम बदला जाएगा और नए नाम वाली परियोजना के तहत पहला कार्यक्रम कल आयोजित किया जाएगा।
राज्य सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, परियोजना नियमों के अनुसार पहली किस्त की राशि से अपने घरों का निर्माण कार्य पूरा कर चुके परिवारों को ही दूसरी किस्त के लिए पात्र माना गया है।
जिन 8 लाख परिवारों ने राशि प्राप्त करने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य का पहला चरण पूरा नहीं किया है, उनका नया सर्वेक्षण किया जाएगा।
पहली किस्त की राशि से निर्धारित स्तर तक निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एक नया सर्वेक्षण किया जाएगा। उस सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर, राज्य सरकार अगले चरण में उनके खातों में राशि भेजेगी।
धन का वितरण पूरी तरह से जांच-पड़ताल और सत्यापन के बाद ही किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं।
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