लखनऊ, 13 सितंबर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद से दूसरी पार्टियों में शामिल होने की अटकलें लगने लगी हैं। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद द्वारा आकाश आनंद को पार्टी में आने का ऑफर दिए जाने और डिंपल पर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद, कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र और उदित राज ने प्रतिक्रिया दी।
बसपा प्रमुख मायावती द्वारा बसपा मिशन के लिए अपने भाई की बेटी को चुनने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता उदित राज ने कहा, "मुझे लगता है कि मायावती खुद चाहती हैं कि बसपा खत्म हो जाए। इसलिए चाहे कोई बड़ा नेता हो या कोई और जब कोई गलती करता है, तो वह उस गलती से सीखता है। उन्होंने कांशी राम के सभी मिशनरी साथियों को एक-एक करके निकाल दिया। इसलिए वह बहुत असुरक्षित महसूस करती हैं और मुझे नहीं पता कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं। दूसरी बात, यह बहुत संभव है कि यह सब भारतीय जनता पार्टी के दबाव में हो रहा हो।"
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने आईएनएस से बातचीत में कहा, "जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से आकाश आनंद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर वह शामिल होते हैं, तो पार्टी में उनका स्वागत किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि उसके दरवाजे उन सभी के लिए खुले हैं, जिन्हें अखिलेश यादव के नेतृत्व और समाजवादी पार्टी की विचारधारा पर भरोसा है। जहां तक चंद्रशेखर की पार्टी में शामिल होने या छोड़ने और उनके ऑफर की बात है, तो इस पर समाजवादी पार्टी की कोई टिप्पणी नहीं है।"
सपा सांसद डिंपल यादव ने मायावती पर पलटवार करते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी रंगों की नहीं, पीडीए की लड़ाई लड़ रही है। इस पर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, "समाजवादी पार्टी मुद्दों की लड़ाई लड़ रही है। पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक, गरीब, किसान और मजदूर पर जो अत्याचार हो रहा है, वह किसी से छिपा नहीं है। मायावती ने दलित समाज के आरक्षण और उनके मुद्दों को कभी नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से जिस तरह मायावती भाजपा की नीतियों का समर्थन करती हैं, वह किसी से छिपा नहीं है। इसलिए समाजवादी पार्टी के छात्र सभा की ड्रेस नीला होने से किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सपा बाबा साहब के विचारों को मानती है।"
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "अब यह चंद्रशेखर और आकाश आनंद के बीच का मामला है। वे दोनों क्या चर्चा करते हैं या क्या नहीं, इस फैसले, घोषणा या बयान पर हमारे लिए कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।"