जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई छात्रा को वेंटिलेटर से हटाया गया: आरएमएल अस्पताल

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई छात्रा को वेंटिलेटर से हटाया गया: आरएमएल अस्पताल

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। आरएमएल अस्पताल की ओर से बुधवार को बताया गया कि राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी एक घटना में गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय महिला का डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसकी हालत में काफी सुधार होने के बाद उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है।

अस्पताल ने एक बयान में कहा कि मरीज को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया है।

बयान में कहा गया, "उन्हें सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद से सांस ले रही हैं। वह होश में हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं। उनके दिमाग और रीढ़ की हड्डी का एमआरआई नॉर्मल है।

अस्पताल के अनुसार, उनकी हालत में उत्साहजनक सुधार के बाद वेंटिलेटर सपोर्ट हटाने का फैसला लिया गया।

बयान में कहा गया कि इलाज शुरू होने के बाद से उनकी क्लिनिकल हालत में लगातार सुधार हो रहा है और इलाज करने वाली टीम की कड़ी निगरानी में उन्हें पूरी मेडिकल देखभाल मिल रही है।

अस्पताल ने कहा कि महिला को जरूरी इलाज और लगातार निगरानी दी जा रही है।

यह महिला सोमवार को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हो गई थी। खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान बैरिकेड से टकराने से उन्हें चोटें आईं।

जंतर-मंतर से संसद तक सीजेपी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान अफरातफरी मच गई।

प्रदर्शनकारियों ने नीट-यूजी पेपर लीक विवाद समेत परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी और करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने यह भी बताया कि 20 से ज्यादा पुलिस गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।

--आईएएनएस

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