चेन्नई में बुखार और डेंगू के मामलों में तेज बढ़ोतरी, डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की दी सलाह

चेन्नई में बुखार और डेंगू के मामलों में तेज बढ़ोतरी, डॉक्टरों ने सावधानी बरतने की दी सलाह

चेन्नई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। चेन्नई और इसके उपनगरीय इलाकों में पिछले कुछ हफ्तों में बुखार के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। कई इलाकों में वायरल संक्रमण और डेंगू फैल रहा है। डॉक्टरों ने लोगों से सतर्क रहने, समय पर डॉक्टर से मिलने और मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय अपनाने की अपील की है।

पिछले 10 दिनों में शहर और उपनगरों में 2,000 से ज्यादा लोगों में बुखार के लक्षण मिले हैं। इनमें से 140 मामलों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जो मच्छर जनित संक्रमण के पॉजिटिव मामलों में बढ़ोतरी का संकेत है। इसकी तुलना में अगस्त महीने में लगभग 4,500 बुखार के मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 160 में डेंगू पाया गया था।

ताजा आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर इसलिए क्योंकि कम समय में डेंगू के मामलों की संख्या पिछले महीने के कुल आंकड़े के करीब पहुंच रही है। अड्यार, अन्ना नगर और वलसरवक्कम जोन उन इलाकों में हैं जहां बुखार के मामले ज्यादा आ रहे हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बुखार, बदन दर्द, खांसी और अन्य लक्षणों के साथ मरीजों के आने से स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल टीमें स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं।

डॉक्टरों ने बताया कि शहर में इन्फ्लुएंजा ए, राइनोवायरस और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस, जिसे आमतौर पर आरएसवी कहा जाता है, सहित कई सांस संबंधी वायरस फैल रहे हैं। वायरल बुखार परिवार के सदस्यों में तेजी से फैल सकता है, खासकर भीड़-भाड़ वाले घरों में, जब संक्रमित व्यक्ति पर्याप्त सावधानी नहीं बरतता।

बुखार से पीड़ित लोगों को सेल्फ मेडिकेशन के बजाय किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लेने और जरूरी जांच कराने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इलाज में देरी या बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से स्थिति बिगड़ सकती है, खासकर डेंगू के मामलों में।

निवासियों से मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने के लिए निवारक कदम उठाने का भी आग्रह किया गया है। घरों और व्यावसायिक इमारतों के आसपास गमलों, टायरों, कंटेनरों, छतों या खुली जगहों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। स्टोर किए गए पानी को ठीक से ढक कर रखना चाहिए और कंटेनरों को नियमित रूप से साफ करना चाहिए।

स्वास्थ्य पेशेवरों ने जोर दिया है कि आवासीय परिसरों, निर्माण स्थलों और आसपास के क्षेत्रों से कचरा और अन्य कचरा बार-बार साफ किया जाना चाहिए। साफ-सफाई बनाए रखना और रुके हुए पानी को हटाना डेंगू के प्रसार को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। लोगों को सुबह और शाम के समय मच्छरदानी, रिपेलेंट और सुरक्षात्मक कपड़ों का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है। लगातार बुखार, तेज बदन दर्द, उल्टी, असामान्य थकान या ब्लीडिंग के लक्षण वाले किसी भी व्यक्ति को तुरंत अस्पताल जाकर जांच और इलाज कराना चाहिए।

--आईएएनएस

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