मुंबई, 12 अगस्त (आईएएनएस)। मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनू निगम ने बताया है कि वह भी ऑटो-ट्यून के इस्तेमाल से अछूते नहीं हैं। उन्होंने सही साउंड पाने के लिए इस टूल के कम से कम इस्तेमाल के बारे में बात की।
सिंगर ने कहा कि यह समय की मांग है और डिजिटलाइजेशन के दौर में, बिना ट्रीटमेंट के रॉ-आवाज गाने के साथ मेल नहीं खाती और थोड़ी अजीब लगती है।
उन्होंने बॉक्स ऑफिस ट्रेड एक्सपर्ट कोमल नाहटा के पॉडकास्ट 'गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज' में कहा, "ऑटो-ट्यून के दौर ने निश्चित रूप से बहुत सारे बदलाव किए हैं। लोग इसके बारे में बहुत सी बुरी बातें कहते हैं, लेकिन मैं कहता हूं कि 'जो भी हुआ है, अच्छा हुआ है।' पहले के दिनों में, बिना ऑटो-ट्यून के गाना पड़ता था। हम खुशकिस्मत हैं कि हमने इसके बिना रियाज किया है, और अब हमें इसकी जरूरत नहीं है। फिर भी, मैं कहूंगा कि मैं अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करता हूं। अब सब कुछ '440' (पिच-परफेक्ट) है, पहले सब कुछ लाइव होता था। हमारे पास लाइव सारंगी, लाइव स्ट्रिंग्स होती थीं, इसलिए कहीं न कहीं हमारी पिच का एकदम सही होना जरूरी नहीं था।"
सोनू अपनी जबरदस्त क्लासिकल ट्रेनिंग और शानदार लाइव परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने दशकों तक अपनी दिल को छू लेने वाली आवाज और बेमिसाल पिच के साथ म्यूजिक चार्ट्स पर राज किया है। उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री को लाइव ऑर्केस्ट्रा रिकॉर्डिंग के दौर से आधुनिक डिजिटल युग में बदलते देखा है।
उन्होंने आगे कहा, "अब सब कुछ डिजिटलाइज हो गया है, सब कुछ एक सीधी लाइन में चल रहा है और अगर आपकी आवाज रॉ (बिना ट्रीटमेंट वाली) होगी तो वह अजीब लगेगी। पहले लाइव म्यूजिक के हिसाब से एडजस्ट कर लेते थे, लेकिन अब आपका गाना अलग ही सुनाई देगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन लोगों की आवाज ठीक करने के लिए इन साधनों का इस्तेमाल न करें, जो गा नहीं सकते। आप अपना 99 प्रतिशत देते हैं और ऑटो-ट्यून से उसे 100 प्रतिशत तक ले जाते हैं। कई एक्टर अपने गानों के लिए ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं और अगर वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं तो यह बिल्कुल ठीक है। लेकिन, वे सिंगर्स की जगह नहीं ले सकते।"
--आईएएनएस
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