नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के रत्न एवं आभूषण निर्यात क्षेत्र ने अगस्त 2026 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। शनिवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में देश का सकल रत्न एवं आभूषण निर्यात सालाना आधार पर 12.52 प्रतिशत बढ़कर 21,945.87 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। यह वृद्धि वैश्विक बाजारों में भारतीय आभूषणों की बढ़ती मांग और मूल्यवर्धित उत्पादों की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी श्रेणी का रहा, जिसका निर्यात 64.96 प्रतिशत बढ़कर 642.85 मिलियन डॉलर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के आधार पर भी स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी निर्यात में 51.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस तेजी के पीछे अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), हांगकांग, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे प्रमुख बाजारों से मजबूत मांग रही।
जीजेईपीसी ने कहा कि यह रुझान भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब अधिक संख्या में हीरों का उपयोग देश के भीतर तैयार किए जाने वाले अंतिम आभूषणों में किया जा रहा है। इससे विनिर्माण शृंखला में अधिक मूल्य सृजन हो रहा है, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरित भंसाली ने कहा कि अगस्त का प्रदर्शन भारतीय रत्न और आभूषण उद्योग की मजबूती और अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हीरा निर्यात की मात्रा में वृद्धि और स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी के निर्यात में तेज उछाल यह दिखाता है कि भारत केवल कच्चे या अर्ध-प्रसंस्कृत उत्पादों पर निर्भर नहीं है, बल्कि मूल्यवर्धित तैयार आभूषणों के क्षेत्र में भी अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत कर रहा है।
हालांकि कट और पॉलिश्ड हीरों के निर्यात मूल्य पर दबाव बना रहा, लेकिन निर्यात मात्रा में वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2025 में जहां 12.94 लाख कैरेट कट और पॉलिश्ड हीरों का निर्यात हुआ था, वहीं अगस्त 2026 में यह बढ़कर 13.36 लाख कैरेट हो गया। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक मांग बनी हुई है, हालांकि कीमतों में नरमी के कारण मूल्य-आधारित आंकड़ों पर दबाव दिखा।
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल से अगस्त अवधि के दौरान सोने के आभूषणों (साधारण और जड़े हुए) का निर्यात 7 प्रतिशत बढ़कर 47,853.03 करोड़ रुपए हो गया। इस अवधि में साधारण सोने के आभूषणों का निर्यात 11.44 प्रतिशत घटा, जबकि जड़े हुए गोल्ड ज्वेलरी का निर्यात 26.73 प्रतिशत बढ़ा। इसके साथ ही कट और पॉलिश्ड हीरों का निर्यात 7.38 प्रतिशत घटा।
रिपोर्ट के अनुसार, चांदी के आभूषणों के निर्यात में 35.57 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। वहीं प्लैटिनम आभूषण निर्यात 19.67 प्रतिशत बढ़कर 953.36 करोड़ रुपए पहुंच गया।
इसके अलावा, पॉलिश्ड लैब-ग्रोउन डायमंड्स का निर्यात अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान 11.76 प्रतिशत बढ़कर 5,076.61 करोड़ रुपए हो गया, जो इस उभरते हुए सेगमेंट की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। हालांकि रंगीन रत्न (कलर्ड जेमस्टोन्स) के निर्यात में 1.92 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।