जोहान्सबर्ग, 9 अगस्त (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा का मानना है कि अगले साल घरेलू मैदान पर आईसीसी क्रिकेट वनडे वर्ल्ड कप होने से टीम पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। रबाडा ने कहा कि टीम अपने घर में शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखते हुए वर्ल्ड कप का खिताब जीतना चाहेगी।
साउथ अफ्रीका 2027 में जिम्बाब्वे और नामीबिया के साथ मिलकर 50 ओवर के वर्ल्ड कप के 14वें संस्करण की सह मेजबानी करेगा। हाल के वर्षों में सभी फॉर्मेट में टीम के शानदार प्रदर्शन के कारण उनसे उम्मीदें भी काफी ज्यादा हैं। प्रोटियाज टीम ने 2025 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का खिताब अपने नाम किया था। वहीं व्हाइट-बॉल क्रिकेट में भी साउथ अफ्रीका का प्रदर्शन पिछले कुछ समय में शानदार रहा है।
हालांकि रबाडा को नहीं लगता कि इन उपलब्धियों और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने के दबाव का टीम पर कोई खास असर पड़ेगा। जोहान्सबर्ग में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 के वेन्यू और ब्रांड की घोषणा के कार्यक्रम में रबाडा ने आईसीसी से कहा, "मुझे लगता है कि अभी हमारे लिए इसमें और भी बहुत कुछ है। यह एक तरह से आजादी जैसा भी है। मुझे घर पर खेलने और विश्व कप को जीतने की जरूरत महसूस करने का कोई दबाव नहीं लगता।"
उन्होंने कहा, "यह लगभग ऐसा है जैसे हम घर पर हैं और हम इस किले की रक्षा करने जा रहे हैं। मेरे लिए इसका यही मतलब है। यह टीम का प्रतिनिधित्व करने के बारे में है।" रबाडा 2019 और 2023 में हुए वनडे विश्व कप में साउथ अफ्रीका टीम का हिस्सा रह चुके हैं। साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज ने मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में इंग्लैंड के खिलाफ 1992 के वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान के महान खिलाड़ी वसीम अकरम के मैच जिताऊ स्पेल को याद किया, जहां बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने निर्णायक स्पेल डालकर पाकिस्तान को पहला वर्ल्ड कप खिताब दिलाने में मदद की थी।
रबाडा ने कहा, “वर्ल्ड कप का एक पल जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। क्योंकि मैं एक गेंदबाज हूं, इसी वजह से मैं गेंदबाजों के क्लब की बात करूंगा। मेरे लिए इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वसीम अकरम का प्रदर्शन लाजवाब था। उनके पास पेस और हुनर था और वसीम अकरम के अंदर जबरदस्त ऊर्जा थी, जिससे पता चलता था कि वह खेलने के लिए ही मैदान पर उतरे हैं।"
31 साल के रबाडा का मानना है कि हालिया सफलताओं ने टीम का यह भरोसा भी बढ़ाया है कि वे बड़े नॉकआउट मैचों का दबाव झेल सकते हैं। उन्होंने कहा, “हमने दिखाया है कि हम फाइनल और सेमीफाइनल में खेल सकते हैं। बस आखिरी कदम उठाना बाकी है। इसलिए आत्मविश्वास तो है ही। भरोसा भी पक्का है, बस एक कदम और आगे बढ़ना है।” साउथ अफ्रीका चार बार 50 ओवर के वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचा है, लेकिन अभी तक खिताब नहीं जीत पाया है। 2027 का टूर्नामेंट उनके अपने देश में होने वाला है, इसलिए प्रोटियाज टीम इस बार खिताब को सूखे को खत्म करना चाहेगी।
--आईएएनएस
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