नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान अजहर अली ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी राष्ट्रीय टीम के खराब प्रदर्शन के लिए विभागीय क्रिकेट के बंद होने को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान की 9 टेस्ट और 31 वनडे मैचों में कप्तानी करने वाले अजहर ने विभागीय क्रिकेट को पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीमों के लिए एक "नर्सरी" बताया और कहा कि इसे खत्म किया जा रहा है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने हाल ही में दो विभागों -डब्ल्यूएपीडीए और साहिर एसोसिएट्स को 2026-27 के घरेलू सीजन से बाहर कर दिया है, क्योंकि वे नए नियमों का पालन करने में असमर्थ रहे। डब्ल्यूएपीडीए पाकिस्तान की सबसे पुरानी घरेलू टीमों में से एक रही है, जबकि साहिर एसोसिएट्स ने भी पीसीबी की नई शर्तों को स्वीकार नहीं किया।
अजहर ने राष्ट्रीय टीम के खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह विभागीय क्रिकेट की अनदेखी को बताया। अजहर ने 'ईएसपीएन क्रिकइन्फो' से कहा, "पाकिस्तान के लिए विभागीय क्रिकेट बहुत जरूरी है। इसने हमारे क्रिकेट में बहुत योगदान दिया है। हमने कुछ साल पहले इसे बंद कर दिया था, और मेरी निजी राय है कि अभी पाकिस्तान के इंटरनेशनल क्रिकेट में जो गिरावट आई है, उसका विभागीय क्रिकेट के बंद होने से गहरा संबंध है। उसके बाद, विभागीय क्रिकेट को उबरने में काफी समय लगा। यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए सबसे बड़ी नर्सरी थी, और आज फिर ऐसा लग रहा है कि इसे खत्म किया जा रहा है।"
पूर्व क्रिकेटर ने पीसीबी द्वारा कामकाज के तरीकों में लगातार किए जा रहे बदलावों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "सबसे पहली बात जो मैं करता, वह यह कि हम जो भी सिस्टम लागू करते हैं, उसे कुछ साल चलने देता। अगर आप हर साल बदलाव करते हैं, तो या तो आप पिछले साल गलत थे, या फिर आप अभी गलत हैं। पीसीबी में हमारी समस्या यह है कि हम कभी गलत नहीं होते, लेकिन शायद हम कभी सही भी नहीं होते, क्योंकि जब आप हर साल बदलाव करते हैं, तो इसका मतलब है कि कोई गलती हुई थी।"
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान ने आगे कहा, "हम हर साल वादा करते हैं कि इस साल सिस्टम से और बेहतर खिलाड़ी निकलकर आएंगे। मगर हमें वह नतीजा नहीं मिल रहा है। हर साल हम बदलते हैं और फिर कहते हैं, 'पिछला सीजन प्लान के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन अगला वाला अच्छा रहेगा'।"
इंटरनेशनल लेवल पर नाम कमाने से पहले अजहर खुद विभागीय क्रिकेट का हिस्सा थे। वह उन कुछ क्रिकेटरों में शामिल थे जिन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान से 2019 में विभागीय क्रिकेट को खत्म करने के फैसले को बदलने की अपील की थी। इमरान नहीं माने, और 1992 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान को सरकार से हटाए जाने के बाद 2023 में ही विभागीय क्रिकेट की वापसी हुई।
अजहर ने कहा, "मैं विभागीय क्रिकेट में ही तैयार हुआ, जैसे कई और खिलाड़ी हुए हैं। कभी-कभी, रीजनल लेवल पर कोई हमारी परवाह नहीं करता था। हालांकि, विभाग ने हमें सैलरी और वित्तीय सुरक्षा दी, और हमारा साथ दिया। पाकिस्तान की संस्कृति और आर्थिक सच्चाई में यह बहुत जरूरी है। हमारे देश में ग्रेड 2 टीमों और छोटे विभागों से मिलने वाली 30-40 हजार पीकेआर की सैलरी भी बहुत अहम है। वरना, युवा खिलाड़ियों के माता-पिता उन्हें खेलने नहीं देंगे और कहेंगे कि कोई ठीक-ठाक नौकरी ढूंढ लें।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने की इच्छा कोई समस्या नहीं है, लेकिन युवाओं को पैसे मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में खेलने की इच्छा कोई समस्या नहीं है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में बच्चों को क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करने के लिए स्कूलों और काउंटी में खास प्रोग्राम चलाने पड़ते हैं। यहां तो वे खेल ही रहे हैं; बस जरूरत इस बात की है कि जब वे 18 या 20 साल के हों, तो अपने परिवार को कुछ दे सकें। यह आर्थिक रूप से फायदेमंद होना चाहिए, हम कोई अमीर, विकसित देश नहीं हैं।
"यह कहना आसान है कि घरेलू क्रिकेट में टीमें कम कर दी जाएं। हालांकि, अगर आपको इसके लिए आर्थिक फायदा नहीं मिल रहा है, तो कितने बच्चे क्रिकेट को अपना पाएंगे? मैंने ऐसे युवा खिलाड़ियों को देखा है जिन्हें यहां विभागीय क्रिकेट खत्म होने के बाद पाकिस्तान छोड़ना पड़ा। उन्हें यहां कोई भविष्य नहीं दिखा।"
--आईएएनएस
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