अगर 300-320 रन का लक्ष्य होता, तब भी उसे हासिल करने का भरोसा था: शुभमन गिल

अगर 300-320 रन का लक्ष्य होता, तब भी उसे हासिल करने का भरोसा था: शुभमन गिल

बर्मिंघम, 14 जुलाई (आईएएनएस)। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच को 6 विकेट से जीतने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी इकाई पर भरोसा जताया है। कप्तान का मानना है कि अगर टीम इंडिया के सामने 300-320 रन का लक्ष्य भी होता, तो उसे हासिल करने का पूरा विश्वास था।

एजबेस्ट में पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम 47.5 में 258 रन पर सिमट गई। इसके जवाब में भारत ने 45.2 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसी के साथ टीम इंडिया ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है।

जीत के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा, "जब आपका मिडिल ऑर्डर और लोअर मिडिल ऑर्डर रन बनाकर मैच खत्म करता है, तो बतौर कप्तान काफी आत्मविश्वास मिलता है। यह हमारी टीम कॉम्बिनेशन की बात है। हमारा गेंदबाजी आक्रमण अपेक्षाकृत युवा है, जबकि बल्लेबाजी इकाई अधिक अनुभवी है। इसलिए अगर हमारे सामने 300-320 रन का लक्ष्य भी होता, तब भी हमें उसे हासिल करने का पूरा भरोसा था।"

उन्होंने कहा, "मिडिल ओवर्स में हमारी गेंदबाजी काफी अच्छी रही। हमने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की। पावरप्ले के आखिरी हिस्से में इंग्लैंड ने कुछ रन जरूर बनाए और हमें दबाव में डाला, लेकिन जिस तरह हमने वापसी की, वही सबसे अहम रहा। हम अलग-अलग टीम कॉम्बिनेशन आजमाते रहेंगे और देखेंगे कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कौन-सा संयोजन हमें सबसे बेहतर संतुलन देता है। यहां की परिस्थितियां साउथ अफ्रीका जैसी थीं। गेंद उछाल ले रही थी और शुरुआत में रन बनाना आसान नहीं था। हालांकि, बाद में विकेट बेहतर हो गई और बल्लेबाजी के लिए अनुकूल हो गई।"

वहीं, इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा, "मिडिल ओवर्स में 20 रन के भीतर 5 विकेट गंवाना बिल्कुल भी आदर्श स्थिति नहीं थी। इसके बावजूद खिलाड़ियों ने कड़ा संघर्ष किया और गेंदबाजी से हमें मुकाबले में वापस लाने की पूरी कोशिश की। सभी खिलाड़ियों का प्रयास बेहतरीन रहा। 20 रन पर 5 विकेट खोना कभी आदर्श स्थिति नहीं होती। काश, हम थोड़ा और बेहतर खेल पाते।"

उन्होंने कहा, "260 रन (258) का स्कोर खड़ा करना संभव हो सका क्योंकि जो रूट और लियाम डॉसन के बीच अहम साझेदारी हुई। हमें लगा कि पिच का मिजाज बदल गया था और वह पहले से धीमी हो गई थी। पारी के ब्रेक के समय हमें लगा कि अगर पिच वैसी ही रहती तो यह स्कोर बचाने के लिए पर्याप्त होता। हम टीम का चयन पिच की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर करेंगे। किसी दूसरे दिन हम 300-320 रन बना सकते हैं और फिर हमारे स्पिनर मुकाबले को रोमांचक बना सकते हैं।"

--आईएएनएस

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