उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत एमएसएमई की संख्या करीब 9 करोड़ हुई, 38 करोड़ लोगों को मिल रहा रोजगार

उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत एमएसएमई की संख्या करीब 9 करोड़ हुई, 38 करोड़ लोगों को मिल रहा रोजगार

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या 8.9 करोड़ से अधिक हो गई है और इन उद्यमों में 38 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा है। यह जानकारी मंगलवार को सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय की ओर से दी गई।

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता मंच, उद्यमों को औपचारिक रूप देने, सरकारी सहायता तक पहुंच बढ़ाने और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उद्यम पंजीकरण पोर्टल सरल, कागज रहित, स्व-घोषणा आधारित और निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आधिकारिक पहचान प्रदान करता है। वहीं, उद्यम सहायता प्लेटफॉर्म अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में शामिल करके इस पहल को आगे बढ़ाता है। यह उन उद्यमों को सक्षम बनाता है जिनके पास अभी तक जीएसटी पंजीकरण नहीं है या जो आयकर प्रणाली के अंतर्गत नहीं आते हैं, उन्हें अधिकृत उद्यम सहायता साझेदारों द्वारा प्रस्तुत सत्यापित डेटा के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों के रूप में औपचारिक मान्यता प्राप्त हो सके।

ये प्लेटफॉर्म मिलकर एक अधिक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि छोटे से छोटे उद्यम भी भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन सकें।

बयान में आगे कहा गया कि ये पहलें सरकारी सहायता को अधिक सुलभ और समावेशी बनाकर महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों, पारंपरिक कारीगरों, पहली पीढ़ी के उद्यमियों और युवाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स को सशक्त बना रही हैं।

सरकार के मुताबिक, उद्यम पंजीकरण पोर्टल और उद्यम सहायता मंच का संयुक्त प्रभाव व्यवसाय पंजीकरण से कहीं अधिक व्यापक है। ये पहलें सरकारी सहायता को अधिक सुलभ और समावेशी बनाकर महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमियों, ग्रामीण उद्यमों, पारंपरिक कारीगरों, पहली पीढ़ी के उद्यमियों और युवाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स को सशक्त बना रही हैं।

पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाकर और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के ​​औपचारिक आधार का विस्तार करके, ये डिजिटल प्लेटफॉर्म उद्यमशीलता की आकांक्षाओं को सफल उद्यमों में बदलने में सहायता प्रदान करते हुए विकसित भारत एट द रेट 2047 की परिकल्पना में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

--आईएएनएस

एबीएस