- गरीब मुसलमान अपना पेट काटकर चंदा देकर मदरसों का चला रहा
- मदरसों को हाथ न लगाए मदरसे जनता की प्रॉपर्टी
देवबन्द (दैनिक हाक): एआईयूडीएफ के प्रमुख, असम के सांसद और दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने असम और उत्तर प्रदेश में मदरसों को निशाना बनाए जाने को लेकर सरकारों पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गरीब मुसलमान अपना पेट काटकर चंदा देकर मदरसों का चला रहा है। यह जनता की प्रॉपर्टी है। इसलिए इन्हें कोई हाथ न लगाए। मौलाना बदरुद्दीन ने मुसलमानों से आ“वान किया कि वह सरकार की टारगेट करने वाली नीति से जरा भी न घबराएं।
मजलिस-ए-शूरा की बैठक में शामिल होने पहुंचे मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने बातचीत में असम सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर मदरसों में कोई आतंकी पाया जाता है और उस पर दोष सिद्ध होता है तो बेशक उसको गोली मार दीजिए। लेकिन आप मदरसों को हाथ नहीं लगा सकते हैं। क्योंकि यह जनता की प्रॉपर्टी है। यदि जबरदस्ती की जाएगी तो इसके लिए हम संवैधानिक दायरे में जो भी जरूरी होगा वह करेंगे। अगर मदरसों के संरक्षण के लिए हमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा तो हम उससे भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने असम सरकार को बुलडोजर का रास्ता दिखाया है। जिस पर वह चल रही है। लेकिन हमें वहां के मुख्यमंत्री से कोई शिकायत नहीं है। शिकायत है तो वहां के डीसी और एसएसपी से। हम उनके खिलाफ हर स्तर पर उस समय तक लड़ाई लडेंगे जब तक वह बर्खास्त होकर घर नहीं बैठ जाते। मौलाना अजमल ने कहा कि ऐसी मानसिकता रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ हम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। योगी सरकार द्वारा मदरसों के सर्वे कराए जाने पर मौलाना अजमल ने कहा कि मदरसा संचालकों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।






