अंकारा, 22 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिमी तुर्की में मंगलवार को एक हाई स्कूल के बाहर की गई गोलीबारी में 11 छात्र घायल हो गए। इनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। बाद में पुलिस ने नाबालिग हमलावर को हिरासत में ले लिया।
टर्किश टुडे न्यूज आउटलेट के अनुसार, न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने बताया कि मंगलवार को तुर्की के पश्चिमी मनिसा प्रांत में एक वोकेशनल हाई स्कूल के बाहर सड़क पर एक अज्ञात हमलावर ने गोलीबारी की, जिसमें 11 छात्र घायल हो गए और उनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने यह भी बताया कि नाबालिग हमलावर को उसके माता-पिता के साथ हिरासत में ले लिया गया है।
इस साल शूटिंग की ये तीसरी बड़ी वारदात है। अप्रैल में दक्षिणी तुर्की में लगातार दो दिनों में हुए हमलों ने लोगों में काफी गुस्सा पैदा किया था।
तुर्की की समाचार एजेंसी आईएचए और प्राइवेट चैनल एनटीवी सहित कई मीडिया संस्थानों ने बताया कि घायलों में छात्र भी शामिल थे। डीएचए समाचार एजेंसी ने कथित हमलावर का सीसीटीवी फुटेज जारी किया। हमलावर को काली रंग की जींस, काली जैकेट और हरे रंग का टॉप पहने सड़क पर चलते देखा जा सकता है और उसके हाथ में राइफल जैसा कोई हथियार भी दिख रहा है।
आईएचए के पास भी संदिग्ध जैसी दिखने वाली एक तस्वीर थी जिसके हाथ में बंदूक थी, हालांकि इस बार वह भागता दिखा। स्कूल के बाहर के फुटेज में पुलिस को सफेद शर्ट पहने एक व्यक्ति को जमीन पर गिराते और फिर उसे ले जाते हुए दिखाया गया। इस दौरान एक महिला चिल्ला रही थी और आस-पास खड़े लोग स्कूल की बाड़ के पास जमा होकर अपने मोबाइल फोन से घटना को रिकॉर्ड कर रहे थे।
गवर्नर कार्यालय ने कहा कि अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह हमला स्कूलों में गोलीबारी की लगातार दो घटनाओं के पांच महीने बाद हुआ है, जिन्होंने तुर्की के स्कूलों में सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ा दी थीं।
अप्रैल में, दक्षिणी प्रांत कहरामनमारस के एक स्कूल में 14 साल के एक लड़के ने गोलीबारी की थी, जिसमें एक शिक्षक और 10-11 साल की उम्र के नौ छात्रों की मौत हो गई थी।
हमलावर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस वारदात से ठीक एक दिन पहले, दक्षिण-पूर्वी प्रांत सानलिउर्फा में एक अन्य किशोर ने अपने पुराने हाई स्कूल में गोलीबारी की थी, जिसमें 16 लोग घायल हो गए थे।
पुलिस का सामना होने पर उसने आत्महत्या कर ली थी। इन दो हमलों के बाद, राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने शिक्षा उप-मंत्री को बर्खास्त कर दिया था और वादा किया था कि उनकी सरकार बंदूक रखने के नियमों को और सख्त करेगी।
--आईएएनएस
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