तियानमेन स्क्वायर बरसी पर चीन में डिजिटल सेंसरशिप, इमोजी भी नहीं इस्तेमाल कर पाए लोग: रिपोर्ट

तियानमेन स्क्वायर बरसी पर चीन में डिजिटल सेंसरशिप, इमोजी भी नहीं इस्तेमाल कर पाए लोग: रिपोर्ट

कम्पाला, 4 जुलाई (आईएएनएस)। चीन में तियानमेन स्क्वायर दमन की 37वीं बरसी के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सेंसरशिप और सख्त कर दी गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी अधिकारियों ने केवल राजनीतिक सामग्री ही नहीं, बल्कि उन प्रतीकों और संकेतों पर भी निगरानी बढ़ा दी जो स्मरण और विरोध के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं।

इन प्रतीकों में नंबर, मोमबत्तियां, चित्र और इमोजी शामिल हैं, जिसका ऑनलाइन इस्तेमाल कर लोग मृतकों को श्रद्धांजलि देते हैं और अपना विरोध दर्ज कराते हैं।

अफ्रीकी देश युगांडा के मीडिया आउटलेट पीएमएल डेली की रिपोर्ट के अनुसार, "4 जून को चीन में ऑनलाइन सेंसरशिप में अचानक तेजी देखी गई। कई उपयोगकर्ताओं ने बताया कि उनके खातों पर रोक लगाई गई या सोशल मीडिया के कई फीचर्स अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।"

रिपोर्ट में कहा गया कि यह सेंसरशिप केवल स्पष्ट राजनीतिक सामग्री तक सीमित नहीं थी, बल्कि सामान्य शब्दों, संख्याओं और प्रतीकों को भी निशाना बनाया गया। इसका उद्देश्य किसी भी तरह की स्मृति या प्रतीकात्मक विरोध को रोकना बताया गया है।

विशेषज्ञों और पूर्व प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि चीन में एल्गोरिद्म आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है, जो संदर्भ की परवाह किए बिना संभावित संवेदनशील सामग्री को ब्लॉक कर देता है।

तियानआनमेन स्क्वायर दमन चीन में अब भी अत्यंत संवेदनशील विषय माना जाता है। 1989 में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को सैन्य कार्रवाई के जरिए दबा दिया गया था, और तब से इस घटना पर सार्वजनिक चर्चा सीमित रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की बरसी पर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और कड़ी हो गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चीन में ऑनलाइन नियंत्रण तकनीकी उपकरणों के माध्यम से और अधिक व्यापक और स्वचालित हो गया है।

मानवाधिकार और डिजिटल स्वतंत्रता से जुड़े विशेषज्ञों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और कहा है कि यह प्रवृत्ति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल अधिकारों पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अब हर समय इस जोखिम के साथ ऑनलाइन रहना पड़ता है कि उनका कंटेंट हटाया जा सकता है या उनका अकाउंट अचानक बंद किया जा सकता है।

--आईएएनएस

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