कोलंबो, 15 जून (आईएएनएस)। श्रीलंका में भारतीय राजदूत संतोष झा ने सोमवार को वहां भारत सरकार की चल रही योजनाओं के बारे में बताया, जिनमें आवास, छात्रवृत्ति और अनुदान सहायता शामिल हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, “आज अप-कंट्री एजुकेशन डेवलपमेंट सोसाइटी (यूईडीएस) के 20वें वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल होकर बहुत खुशी हुई।”
उन्होंने कहा, “इस मौके पर भारत सरकार की उन पहलों के बारे में बताया गया, जिनके तहत एस्टेट मजदूरों के लिए घर बनाए जा रहे हैं, सीईडब्ल्यूईटी छात्रवृत्ति में हाल ही में बढ़ोतरी की गई है, स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अनुदान दिया जा रहा है, स्कूलों के लिए उपकरण भेजे जा रहे हैं, एसटीईएम विषयों में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है और भारतीय मूल के तमिलों (आईओटी) की 5वीं और 6वीं पीढ़ी तक ओसीआई कार्ड की पात्रता बढ़ाई गई है।”
भारतीय राजनयिक ने भारतीय मूल के तमिल समुदाय को भारत और श्रीलंका के रिश्तों के 'लीविंग ब्रिज' बताया। उन्होंने यूडीईएस की तरफ से सात आईओटी उपलब्धि हासिल करने वालों को सम्मान भी दिया। इस कार्यक्रम में श्रीलंका के कई मंत्री और अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मत्स्य पालन मंत्री रामालिंगम और उप बागान मंत्री प्रदीप सुंदरालिंगम शामिल थे।
रविवार को भी राजदूत ने कोलंबो में ‘सबसे बड़ा भरतनाट्यम पाठ’ में हिस्सा लिया, जिससे एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, “कोलंबो में ‘सबसे बड़ा भरतनाट्यम पाठ’ में शामिल होकर बहुत खुशी हुई। भारत और श्रीलंका के लगभग 5,000 नर्तकों ने मिलकर भरतनाट्यम की सुंदरता, गरिमा और भव्यता का जश्न मनाया।”
झा ने कहा कि भरतनाट्यम भारत और श्रीलंका को जोड़ता है और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करता है। उन्होंने आयोजकों और छात्रों की ओर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, “आयोजकों और छात्रों की ओर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह भारत और श्रीलंका के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों का शानदार प्रमाण है।”
--आईएएनएस
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