इस्लामाबाद, 14 जुलाई (आईएएनएस)। तोरखम बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से 525 अफगान परिवारों को वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू जिले में बने तीन शरणार्थी शिविर अब पूरी तरह खाली हो चुके हैं।
स्थानीय मीडिया की जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) उमर खिताब खान ने बताया कि अफगान शरणार्थियों की वापसी खैबर पख्तूनख्वा सरकार के आदेशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन के अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत बन्नू के बिजान खेल, घोरीवाला और मामंद खेल इलाकों में बने शरणार्थी शिविरों में रह रहे 525 अफगान परिवारों को तोरखम सीमा के रास्ते अफगानिस्तान भेजा गया।
एडीसी ने बताया कि अब अधिकारियों का ध्यान उन अफगान नागरिकों पर है जो बन्नू और आसपास के इलाकों में किराए के मकानों या निजी घरों में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अफगान नागरिकों का रिकॉर्ड संबंधित पुलिस थानों को भेजा जा रहा है और उनकी जल्द वापसी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
अधिकारी ने कहा कि जो अफगान परिवार अपनी इच्छा से वापस जाना चाहते हैं, वे जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए अस्थायी ट्रांजिट केंद्रों में रह सकते हैं। वहां से अधिकारियों की ओर से उनके लिए परिवहन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें तोरखम सीमा तक पहुंचाकर अफगानिस्तान भेजा जा सके।
28 जून को पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने आदेश दिया था कि दस जुलाई से अगर कोई अफगान नागरिक बिना वैध वीजा के पाकिस्तान में रह रहा पाया जाता है, तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
डॉन के मुताबिक, यह आदेश सभी प्रांतों के मुख्य सचिवों और इस्लामाबाद राजधानी क्षेत्र (आईसीटी) प्रशासन को जारी किया गया था। यह फैसला एक जून को अवैध विदेशियों की वापसी योजना (आईएफआरपी) की समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर किया गया।
मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया कि बैठक के दौरान सभी प्रांतीय सरकारों, विशेष क्षेत्रों के प्रशासन और आईसीटी प्रशासन को निर्देश दिए गए कि वे अफगान नागरिकों, जिनमें वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी रहने वाले लोग शामिल हैं, उनकी वापसी या निर्वासन की प्रक्रिया तेज करें और आईएफआरपी को सख्ती से लागू करें।
मंत्रालय ने कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों, जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य कानून लागू करने वाली एजेंसियों को इन आदेशों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जरूरी निर्देश जारी किए जाएं।
पाकिस्तान ने 2023 में अफगान नागरिकों की वापसी के लिए यह अभियान शुरू किया था। पिछले साल अप्रैल में इसे फिर से तेज किया गया, जब सरकार ने बड़ी संख्या में अफगानों के रहने के परमिट रद्द कर दिए और उन्हें चेतावनी दी कि अगर वे देश नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
--आईएएनएस
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