लाहौर, 15 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान इन दिनों दो वजहों से अपनी फजीहत करा रहा है। एक तो कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सुरक्षा बलों की ज्यादतियों और दूसरा चकवाल एनकाउंटर को लेकर। एक ऐसी मुठभेड़ जिसमें 9 साल की बच्ची को गोलियों से भून दिया गया। उसके पिता और भाई घायल हो गए। 10 जून को ये वारदात हुई और अब दुनिया की मीडिया पाकिस्तान के इस ढुलमुल रवैए पर सवाल उठा रही है। खासकर, ऑस्ट्रेलिया की मीडिया क्योंकि ये लोग ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं।
छुट्टियां मनाने पाकिस्तान आए परिवार पर पुलिस ने भूल से गोलीबारी की, जिसे ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है, जिससे पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना 10 जून की है, जब पर्थ में रहने वाला परिवार चकवाल में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने जा रहा था। रास्ते में कथित लुटेरों ने परिवार को बंदूक की नोक पर रोक लिया। इसी दौरान मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और संदिग्धों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस ने भ्रमवश यह मान लिया कि लुटेरे परिवार की कार में भागने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने कार पर गोलियां चला दीं। इस फायरिंग में नौ वर्षीय हानिया की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और भाई घायल हो गए।
ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख समाचार संस्थान ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (एबीसी) और एसबीएस ने इस घटना को प्रमुखता से प्रकाशित किया। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि एक विदेशी नागरिक परिवार, जो छुट्टियां मनाने पाकिस्तान आया था, पुलिस की कथित लापरवाही का शिकार बन गया।
प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक द डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब (पाकिस्तान) के अपराध नियंत्रण शाखा (सीसीडी) के प्रमुख सोहेल चाथा ने स्वीकार किया कि संबंधित अधिकारी ने तय मानकों का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में पुलिस अधिकारी की बड़ी लापरवाही सामने आई है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने न केवल पाकिस्तान की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विदेशी पर्यटकों और प्रवासी पाकिस्तानियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में हुई आलोचना से पाकिस्तान को कूटनीतिक और छवि संबंधी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जबकि न्याय और जवाबदेही की मांग लगातार तेज हो रही है।