गोंडा, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने और कई लोगों के लापता होने की खबरों के बीच भारत सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि नेपाल में करीब 130-132 भारतीय लोग लापता हैं, जिनसे संपर्क टूट गया है। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय राहत टीमें मौके पर मौजूद हैं और खोज एवं बचाव अभियान में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि नेपाल में आई आपदा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। भारत और नेपाल की एजेंसियां मिलकर प्रभावित लोगों का पता लगाने, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रही हैं।
विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि भारत नेपाल सरकार के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और सहायता पहुंचनी शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत का मित्र देश है और दोनों देशों के बीच सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध बेहद गहरे हैं।
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से भाइयों जैसा रिश्ता रहा है और संकट की घड़ी में भारत हमेशा नेपाल की मदद के लिए आगे आया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत की ओर से नेपाल को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।
इस दौरान कीर्ति वर्धन सिंह ने नेपाल की बाढ़ को लेकर भारत की प्राथमिकता भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य लापता लोगों का पता लगाना, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और अधिक से अधिक जान बचाना है। भारत और नेपाल की टीमें इस दिशा में लगातार काम कर रही हैं।
गृह मंत्री अमित शाह के घुसपैठियों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि इससे अधिक मजबूत और सही बयान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत घुसपैठियों के लिए कोई ‘शेल्टर होम’ नहीं है। देश की सुरक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं, वे देश की व्यवस्थाओं पर दबाव डालते हैं, इसलिए सीमाओं को सुरक्षित और मजबूत करना आवश्यक है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने हमेशा जरूरतमंद शरणार्थियों को आश्रय दिया है, लेकिन इसके लिए उचित व्यवस्था और निर्धारित प्रक्रिया होनी चाहिए।
--आईएएनएस
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