लॉस एंजिल्स, 1 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका नौसेना अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सैन डिएगो (कैलिफोर्निया) स्थित मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मिरामार के पास एफ-35बी लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राहत दल मौके पर बचाव कार्य में जुटा है।
यह घटना शुक्रवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह करीब 10 बजे हुई। अधिकारियों ने बताया कि पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है।
बेस के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम एमसीएएस मीरामार के पास मरीन कॉर्प्स एफ-35बी के साथ हुए हादसे की पुष्टि कर सकते हैं। पायलट ने इजेक्ट किया, उसे सुरक्षित निकाल लिया गया है और मेडिकल सुविधा के लिए ले जाया जा रहा है।"
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जेट थर्ड मरीन एयर विंग, मरीन एयर ग्रुप 11 को आवंटित था। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना का कारण का पता लगाने के लिए अभी जांच की जा रही है।
एफ-35बी अमेरिकी मरीन कॉर्प्स का शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग वाला फाइटर जेट है। अमेरिकी मीडिया सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एमसीएएस मिरामार अमेरिका का एक बड़ा सैन्य हवाई अड्डा है, जहां अमेरिकी सेना की सभी शाखाओं के लगभग 15,000 जवान तैनात हैं।
इससे पहले जून की शुरुआत में, वाशिंगटन में एक अमेरिकी मिलिट्री फाइटर जेट क्रैश हो गया और जंगल में आग लग गई। हालांकि, पायलट क्रैश से पहले ही बाहर निकल गया और उसे मामूली चोटें आईं। एयरक्राफ्ट रिमरॉक लेक के पास क्रैश हो गया, जिससे जंगल वाले इलाके में इमरजेंसी फायरफाइटिंग शुरू हो गई।
एनबीसी न्यूज ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि कैलिफोर्निया में मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मीरामार पर मौजूद एफ/ए-18 हॉर्नेट एयरक्राफ्ट रूटीन ट्रेनिंग कर रहा था, तभी वह गिर गया।
यह फाइटर जेट कैलिफोर्निया में मरीन कॉर्प्स एयर स्टेशन मीरामार में मौजूद मरीन एयरक्राफ्ट ग्रुप 11, तीसरे मरीन एयरक्राफ्ट विंग को दिया गया था। इसी तरह, मई में, अमेरिकी एयर फोर्स का एक ट्रेनिंग जेट पश्चिमी अलबामा के फेयेट काउंटी में क्रैश हो गया, जिसमें दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए।
मिसिसिपी में कोलंबस एयर फोर्स बेस ने पुष्टि किया कि बेस से जुड़े एक टी-38 टैलोनII एयरक्राफ्ट के साथ दुर्घटना हुई थी। बेस से जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, "दो पायलट एयरक्राफ्ट से सुरक्षित बाहर निकल गए।"
फेयेट प्रांत शेरिफ ऑफिस और लैमर प्रांत शेरिफ विभाग ने कहा कि इमरजेंसी क्रू क्रैश की जगह पर मौजूद थे। सैन्य अधिकारियों ने कहा कि इस घटना के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है। एयर फोर्स सेफ्टी इन्वेस्टिगेशन बोर्ड इसकी जांच शुरू करेगा।
--आईएएनएस
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