नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। ओमान तट पर हादसे का शिकार हुए पलाऊ के झंडे वाले जहाज एमटी मारिवाक्स और यूएस नेवी के बीच बातचीत हुई थी। मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इसकी पुष्टि विदेश मंत्रालय ने की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद भारत का दूतावास लगातार ओमान के अधिकारियों और अन्य संबंधित एजेंसियों के संपर्क में रहा।
जायसवाल ने कहा, "एमटी मारीवाक्स ओमान के तट के पास निष्क्रिय हो गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना से पहले जहाज और अमेरिकी नौसेना के बीच वार्तालाप हुई थी। जहाज पर भारत के 24 नागरिक कार्यरत थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।"
उन्होंने बताया कि बचाव अभियान के लिए भारत के दूतावास ने ओमानी अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई शुरू की।
जायसवाल ने कहा, "हम सभी हितधारकों के संपर्क में है, जिसमें भारत में मौजूद नौवहन मंत्रालय, एमआरसीसी (मैरीटाइम रेस्क्यू कॉर्डिनेशन सेंटर) और अन्य पक्षधार शामिल हैं। हम इस अभियान में सहयोग के लिए ओमान सरकार का आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने क्रू का बचाव करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय मिशन अभी भी नाविकों के संपर्क में है।"
इससे पहले, मस्कट में मौजूद भारतीय दूतावास ने भी पुष्टि की थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में आग लगने की घटना के बाद सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। दूतावास ने ओमानी अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
वहीं, भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि जहाज में सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जहाज किसी प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया था या नहीं। इस संबंध में तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय जहाज के मालिकों, विदेश मंत्रालय और ओमान स्थित भारतीय मिशन के साथ लगातार संपर्क में है और मामले की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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