जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में हूती हमलों की निंदा की

जी7 देशों ने यमन की स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा माना हूती हमलों को
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न्यूयॉर्क, 22 सितंबर (आईएएनएस)। जी7 ने सऊदी अरब पर हूती समूह के हमलों की "कड़े शब्दों में" निंदा की। इसके साथ ही ईरान से भी कहा कि वो हूती को हथियार उपलब्ध कराना बंद करे।

यह अपील तब की गई है जब हूती विद्रोहियों ने एक अहम समुद्री रास्ते पर कब्जा कर लिया है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है।

न्यूयॉर्क में यूएन जनरल असेंबली से इतर हुई बैठक के बाद मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यमन के हालात "क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए एक ऐसा खतरा हैं जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।"

हाल के दिनों में हजारों शरणार्थी यमन से भाग गए हैं। ऐसा तब हुआ जब कथित ईरान-समर्थित समूह ने देश के लाल सागर तट के साथ-साथ बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के पास के इलाकों पर कब्जा कर लिया, जो वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

यह बयान न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की वार्षिक बैठक से पहले आया है, जिसमें ईरान भी अपना पक्ष रखने वाला है।

अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूके के विदेश मंत्रियों ने कहा, "हम हूती से अपील करते हैं कि वे तुरंत सभी सैन्य कार्रवाई, नागरिक जहाजों के खिलाफ सभी धमकियां और हमले बंद करें और ईमानदारी से राजनीतिक प्रक्रिया में लौटें।"

बयान में आगे कहा गया: "उनकी निंदनीय हरकतें तनाव बढ़ने का एक खतरनाक पैटर्न बनाती हैं, जिससे संघर्ष बढ़ सकता है, अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नुकसान पहुंच सकता है और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।"

मंत्रियों ने कहा, "आगे भी हम यमन की वैध सरकार का समर्थन करना जारी रखेंगे और यमन की एकता, संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराते हैं।"

इसके साथ ही समूह नेवैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में लंबे समय तक बने रहने वाले व्यवधानों को रोकने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया है। समूह के अनुसार, विश्व अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भरोसेमंद और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

बता दें कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान जी7 समूह का हिस्सा हैं। इसके अलावा यूरोपीय संघ (ईयू) जी7 की बैठकों में प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन वह जी7 का अलग से सातवां/आठवां देश नहीं है।

--आईएएनएस

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