मस्कट, 15 जून (आईएएनएस)। भारतीय जहाज एमटी जलवीर से रेस्क्यू किए गए चालक दल के 20 सदस्यों ने ओमान में भारत के दूतावास और ओमान सरकार का त्वरित कार्रवाई और समय पर बचाव अभियान के लिए आभार व्यक्त किया है।
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही ओमान की संबंधित अथॉरिटीज ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए सभी भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकालने में मदद की।
दूतावास ने बचाए गए क्रू सदस्यों की एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए बताया कि जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के सभी 20 सदस्य अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट चुके हैं। इस घटना के बाद भारतीय पक्ष ने राहत और बचाव अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के प्रति आभार जताया है।
एमटी जलवीर के कैप्टन सुबोध ने बताया कि उनका रेस्क्यू ओमानी नेवी ने किया। इसके बाद भारतीय दूतावास उनके लगातार संपर्क में रहा। शिपिंग कंपनी भी हर संभव मदद करती रही। 11 जून से 14 जून तक सभी 20 क्रू सदस्यों को होटल में सुरक्षित रखा गया।
पोत के सेकेंड ऑफिसर नाजिम ने भी बताया कि दूतावास, ओमान सरकार और उनकी कंपनी ने पूरा साथ दिया। आम लोगों की दुआओं और सबके साथ की वजह से हम अपने परिजनों से मिल पा रहे हैं।
क्रू मेंबर्स ने कहा कि संकट की स्थिति में मिली सहायता ने उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय दूतावास और ओमान प्रशासन की समन्वित कार्रवाई को सराहा।
एमटी जलवीर के सदस्यों से ओमान में भारत के राजदूत प्रशांत पिसे ने भी मुलाकात की। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ओमान में भारत के राजदूत ने एमटी जलवीर के 20 भारतीय क्रू सदस्यों से मस्कट में मुलाकात की और उनकी सुरक्षित घर वापसी की कामना की। 11 जून 2026 को जहाज से जुड़ी घटना के बाद ओमानी अधिकारियों के सहयोग से क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया। भारतीय दूतावास संकट में फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सहायता और समर्थन प्रदान करने तथा उनकी कुशलता और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
--आईएएनएस
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