बालेंद्र शाह ने मंत्रिमंडल का किया विस्तार, सुधन गुरुंग फिर बने गृह मंत्री

बालेंद्र शाह ने मंत्रिमंडल का किया विस्तार, सुधन गुरुंग फिर बने गृह मंत्री

काठमांडू, 9 जून (आईएएनएस)। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। उन्होंने सुधन गुरुंग को फिर से गृह मंत्री नियुक्त किया और महावीर पुन को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री बनाया।

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में दोनों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। गुरुंग ने 22 अप्रैल को अपने वित्तीय लेन-देन को लेकर उठे विवाद के बाद गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, जांच समिति ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई, जिसके बाद उन्हें फिर से गृह मंत्री बनाया गया।

महावीर पुन पश्चिमी नेपाल के म्याग्दी जिले से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में संसद के लिए चुने गए थे। इससे पहले वे पूर्व प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।

पिछले करीब डेढ़ महीने से प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह खुद ही गृह मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे, क्योंकि गुरुंग के इस्तीफे के बाद यह पद खाली था।

गुरुंग उन प्रमुख नेताओं में भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल सितंबर में शुरू हुए जेन-जेड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अप्रैल में गुरुंग पर विवादित कारोबारी दीपक भट्टा के साथ व्यावसायिक संबंध होने के आरोप लगे थे। भट्टा इस समय मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।

गुरुंग ने 22 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और किसी भी तरह के हितों के टकराव से बचने के लिए वे पद छोड़ रहे हैं।

पांच मार्च के चुनावों के बाद 27 मार्च को बनी नई सरकार में गुरुंग एक महीने से भी कम समय में इस्तीफा देने वाले दूसरे मंत्री बने थे।

11 मई को कैबिनेट ने पूर्व न्यायाधीश अच्युत प्रसाद भंडारी की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि गुरुंग और दीपक भट्टा के बीच कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ और न ही दोनों के बीच किसी वित्तीय लेन-देन का बैंक रिकॉर्ड मिला।

समिति के सामने दिए गए बयान में गुरंग ने कहा कि उन्होंने काठमांडू के प्रमुख पर्यटन क्षेत्र ठमेल में एक होटल चलाकर आय अर्जित की थी और बाद में उसी पैसे को शेयरों और सोने में निवेश किया था। समिति ने अपनी जांच में इस स्पष्टीकरण को भी आधार बनाया।

12 अप्रैल को जब प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और अन्य मंत्रियों ने अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया, तब गुरुंग मंत्रिमंडल के सबसे अमीर सदस्यों में से एक पाए गए। उनके पास बड़ी मात्रा में नकद जमा, कई कंपनियों के शेयर और काफी जमीन-जायदाद होने की जानकारी सामने आई, जो कथित तौर पर कानूनी सीमा से भी अधिक थी।

जब उनकी संपत्ति को लेकर सवाल उठे, तो गुरुंग ने सोशल मीडिया पर अपना बचाव करते हुए लिखा कि गरीब पैदा होना किसी की गलती नहीं है, लेकिन गरीब मरना उसकी अपनी गलती है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, “अगर आप गरीब पैदा होते हैं तो यह आपकी गलती नहीं है, लेकिन अगर आप गरीब ही मरते हैं तो यह आपकी गलती है। सरकार में आने से पहले बिना भ्रष्टाचार के धन कमाना कोई पाप नहीं है, लेकिन सरकार में आने के बाद भ्रष्टाचार करके धन कमाना पाप है।”

इसके बाद उनकी घोषित संपत्ति के स्रोतों को लेकर और सवाल उठने लगे। बाद में यह भी सामने आया कि उन्होंने भट्टा द्वारा प्रोत्साहित एक माइक्रो-इंश्योरेंस कंपनी में निवेश किया था, जिससे उनके कारोबारी संबंधों को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं।

गुरुंग पश्चिमी नेपाल के गोरखा-1 संसदीय क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी