बलूचिस्तान में पत्रकार की गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

बलूचिस्तान में पत्रकार की गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

क्वेटा, 9 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मूसाखेल इलाके में अज्ञात हमलावरों ने एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी। स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से यह जानकारी दी है।

पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्र 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, लाला इसराफील, जो एक निजी टीवी चैनल के रिपोर्टर थे, मूसाखेल में अपनी दुकान के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर आए अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। पुलिस के अनुसार, उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

फिलहाल, इस हमले के पीछे की वजह साफ नहीं है। पुलिस का कहना है कि इस्राफील ने हाल के दिनों में किसी तरह की धमकी मिलने की जानकारी नहीं दी थी। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना की निंदा करते हुए बलूचिस्तान यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (बीयूजे) ने कहा कि पत्रकार की हत्या से पत्रकार समुदाय में गंभीर चिंता और दुख का माहौल है। यह घटना पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करती है।

बीयूजे के अध्यक्ष मंजूर अहमद रिंद और महासचिव शाह हुसैन तारीन ने एक संयुक्त बयान में बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती और प्रांतीय गृह मंत्री मीर जियाउल्लाह लैंगोव से मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं से जांच की जाए, हमले के पीछे की वजह का पता लगाया जाए और दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में लाया जाए।

पिछले सप्ताह पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) ने अपनी मासिक सुरक्षा रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक मई में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और खराब हुई, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी हमलों में बढ़ोतरी के कारण।

पीआईसीएसएस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कुछ समय की अपेक्षाकृत कमी के बाद मई में आतंकवादी हमलों में फिर से बढ़ोतरी हुई। खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हमलों, मौतों, आत्मघाती हमलों और अपहरण की घटनाओं में तेज इजाफा देखने को मिला। इससे साफ है कि सुरक्षा चुनौतियां अभी भी गंभीर बनी हुई हैं।

मई में कुल 128 आतंकवादी हमले दर्ज किए गए, जबकि अप्रैल में यह संख्या 101 थी। यानी लगभग 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मई में आतंकवादी हिंसा में 71 आम नागरिक, 68 सुरक्षा कर्मी और शांति समितियों के 6 सदस्य मारे गए। वहीं 147 आम नागरिक, 35 सुरक्षा कर्मी और शांति समितियों के तीन सदस्य घायल हुए।

अप्रैल की तुलना में नागरिकों की मौतों की संख्या 37 से बढ़कर 71 हो गई, यानी करीब 92 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं सुरक्षा कर्मियों की मौतें 28 से बढ़कर 68 हो गईं, जो लगभग 143 प्रतिशत ज्यादा हैं।

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में पाकिस्तान में छह आत्मघाती हमले हुए, जिनमें 34 सुरक्षा कर्मियों और 9 नागरिकों की मौत हुई। मई के दौरान बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत रहा। यहां 71 आतंकवादी हमले दर्ज किए गए, जबकि अप्रैल में यह संख्या 34 थी। यानी हमलों में लगभग 109 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मई में पूरे पाकिस्तान में 54 अपहरण की घटनाएं सामने आईं। इनमें से 52 मामले सिर्फ बलूचिस्तान में दर्ज किए गए।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी