नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने उपचुनाव सहित भिन्न मुद्दों पर टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया युवाओं के गुस्से और विरोध के कारण भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
बांकीपुर और दतिया उपचुनाव के नतीजों पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "छात्रों के पूरे विरोध-प्रदर्शन ने युवाओं में गुस्से का माहौल बना दिया। इसी वजह से जिस सीट पर भाजपा की जीत पक्की मानी जा रही थी, वहां वे हार गए। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर के हर बूथ से हारना यह दिखाता है कि भाजपा ने युवाओं के प्रदर्शन को गंभीरता से नहीं लिया। भाजपा को आत्ममंथन करना पड़ेगा कि उनकी पार्टी के अंदर कौन विभीषण है, जिसकी वजह से हार का सामना करना पड़ा।"
केंद्र की ई-20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित विरोध मार्च पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "लोग लंबे समय से ई-20 की वजह से परेशान हैं और इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। सरकार ने फिर से इस मुद्दे को नजरअंदाज किया है। हमने पहले भी जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन देखे हैं। आज अरविंद केजरीवाल इसकी अगुवाई कर रहे हैं।"
कर्नाटक कैबिनेट में एक भी महिला के शामिल न किए जाने पर चतुर्वेदी ने कहा, "यह कांग्रेस को देखने वाली बात है। एक तरफ हम आधी आबादी, आधे अधिकार या पूरे अधिकारों की बात करते हैं। जब कैबिनेट का विस्तार हुआ, तो मैंने देखा, वहां सिर्फ पुरुष खड़े थे। जब हम 33 फीसदी महिला आरक्षण, महिलाओं की भागीदारी, महिला नेतृत्व और महिलाओं की हिस्सेदारी की बात करते हैं, तो यह मंत्रियों के पदों में क्यों नहीं दिखता?"
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "मैंने उनकी टिप्पणी नहीं सुनी है, लेकिन अगर उन्होंने महिलाओं या किसी के निजी रिश्तों को लेकर कोई विवाद खड़ा किया है तो यह बहुत आपत्तिजनक है। स्टालिन को तृषा से माफी मांगनी चाहिए।
इससे पहले सोमवार को बृजभूषण शरण सिंह के कोर्ट से बरी होने पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा था, "मुझे इसमें कोई हैरानी नहीं लग रही है। जिस तरह से लोगों और महिला प्रदर्शनकारियों ने इतने दिनों तक विरोध किया, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिला और उन्हें सांसद बने रहने दिया गया। जब उन्हें सांसद का टिकट नहीं मिला, तो उनके बेटे को टिकट दे दिया गया। इसलिए यह हैरानी की बात नहीं है कि जांच में भी कमियां रही होंगी, जिसकी वजह से आज उन्हें बरी किया जा रहा है। न्यायपालिका तथ्यों और सबूतों के आधार पर काम करती है। कहीं न कहीं, जांच में जरूर कोई कमी रही होगी।"
--आईएएनएस
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