यादगिरिगुट्टा मंदिर में मठों के लिए जमीन आवंटन की नीति बनाएगी तेलंगाना सरकार

यादगिरिगुट्टा मंदिर में मठों के लिए जमीन आवंटन की नीति बनाएगी तेलंगाना सरकार

हैदराबाद, 30 जून (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यादगिरिगुट्टा में श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी देवस्थानम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभिन्न मठों को जमीन आवंटित करने के लिए एक स्पष्ट नीति बनाएं।

उन्होंने कहा कि जमीन के मालिकाना हक मुख्य रूप से मंदिर के पास ही रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने एक हाई-लेवल मीटिंग में मंदिर के विकास कार्यों की समीक्षा की।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मंदिर के अधिकार क्षेत्र में जमीन आवंटन को लेकर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की पॉलिसी का अध्ययन किया जाना चाहिए।

इस मौके पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यादगिरिगुट्टा में हरे रामा हरे कृष्णा (चैरिटेबल) फाउंडेशन को मार्केट प्राइस पर जमीन आवंटित करने का सुझाव दिया।

उन्होंने कहा कि पहाड़ी पर गेस्ट हाउस बनाने के लिए आगे आने वालों की एक लिस्ट तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने गेस्ट हाउस बनाने में टीटीडी की पॉलिसी का पालन करने और मंजूरी चरणों में देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि जाति संगठनों को जमीन आवंटन के लिए स्पष्ट नियमों वाली एक पॉलिसी बनाई जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मंदिर के अधिकार क्षेत्र में अलग-अलग विकास कार्यों के लिए जमीन अधिग्रहण के वास्ते तुरंत फंड जारी करने का निर्देश दिया।

उन्होंने यादगिरिगुट्टा मंदिर के निर्माण के संबंध में इंजीनियरों की कमेटी की रिपोर्ट का व्यापक अध्ययन करने और एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि टूरिज्म सर्किट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप पॉलिसी के तहत विकसित किया जाना चाहिए।

मीटिंग में सांसदों के अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

--आईएएनएस

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