बंगाल: रेजिनगर उपचुनाव से आरएसपी ने खुद को किया अलग, परंपरागत चुनाव चिह्न बदलने का आरोप

वाम मोर्चे की सहयोगी पार्टी आरएसपी ने रेजिनगर उपचुनाव से खुद को अलग किया
बंगाल:

कोलकाता, 21 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे की सहयोगी पार्टी रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) ने सोमवार रात रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव से खुद को अलग करने का ऐलान किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अंतिम समय में उसका पारंपरिक चुनाव चिह्न बदल दिया, जिसके विरोध में यह फैसला लिया गया।

आरएसपी की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव तपन होरे ने बयान जारी कर कहा कि चुनाव आयोग ने पार्टी के पारंपरिक चुनाव चिह्न “फावड़ा और स्टोकर” की जगह रेजिनगर उपचुनाव के लिए “बाल्टी” चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया। इसी के विरोध में पार्टी ने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है।

रेजिनगर सीट पर वाम मोर्चे ने आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर सीपीआई (एम) के सईद असद अली को मैदान में उतारा था। इसके बाद आरएसपी ने बगावत करते हुए विकास चंद्र मिश्रा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था।

हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा पारंपरिक चुनाव चिह्न नहीं दिए जाने से नाराज आरएसपी नेतृत्व ने उम्मीदवार वापस लेने का ऐलान कर दिया। हालांकि यह वापसी केवल प्रतीकात्मक होगी, क्योंकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 19 सितंबर को ही समाप्त हो चुकी है।

तपन होरे ने कहा, “शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद आयोग ने हमें बताया कि हमारा पारंपरिक चुनाव चिह्न देना संभव नहीं है और हमें ‘बाल्टी’ चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ना होगा। इसके विरोध में हमने चुनाव से हटने का फैसला किया है।”

रेजिनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होंगे, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

--आईएएनएस

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