वंदे मातरम राष्ट्र सम्मान का प्रतीक, पेपर लीक माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई: भाजपा

वंदे मातरम राष्ट्र सम्मान का प्रतीक, पेपर लीक माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई: भाजपा

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। संसद से पारित 'वंदे मातरम' विधेयक और एंटी-पेपर लीक बिल को लेकर भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार के फैसलों का जोरदार समर्थन किया है। भाजपा की वरिष्ठ नेता साध्वी निरंजन ज्योति, भाजपा सांसद नरेश बंसल और भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि दोनों कानून देश के सम्मान और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। नेताओं ने विपक्ष, विशेषकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियों पर भी निशाना साधा।

भाजपा की वरिष्ठ नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने 'वंदे मातरम' विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून बहुत पहले आ जाना चाहिए था। अब कोई भी 'वंदे मातरम' का अपमान करने की हिम्मत नहीं करेगा और यदि कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। वंदे मातरम कोई साधारण गीत या उपन्यास नहीं है, बल्कि यह वह राष्ट्रगीत है जिसे गाते-गाते देश के अनगिनत नौजवानों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे चूम लिए थे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी सरकार का आभार व्यक्त करती हूं कि लोकसभा और राज्यसभा से इसे पारित कर मां भारती का सम्मान बढ़ाया गया है।

वंदे मातरम बिल पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भारत माता सभी देशवासियों की मां हैं और उनका सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सावल किया कि आखिर वंदे मातरम से परेशानी क्यों है? हर व्यक्ति की अपनी उपासना पद्धति हो सकती है। कोई नमाज पढ़ता है, कोई चर्च जाता है और कोई मंदिर जाता है, लेकिन भारत माता तो सबकी मां है। उनका अपमान किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

एंटी-पेपर लीक कानून पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संसद के दोनों सदनों से कठोर कानून पारित कराया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है और पेपर लीक रोकने के लिए विशेष व्यवस्था भी बनाई गई है। पेपर लीक लंबे समय से एक संगठित समस्या बनी हुई थी। सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक के कारण अब ऐसे मामले तेजी से सामने आते हैं। उन्होंने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में सामने आए मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल किसी एक सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि शिक्षा और विद्यार्थियों का भविष्य किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं होना चाहिए। उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष से अपील की कि सभी दल मिलकर इस कानून का समर्थन करें और दोषियों के खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किसी पार्टी का नहीं होता, वह केवल विद्यार्थी होता है और उसके भविष्य की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

भाजपा सांसद नरेश बंसल ने भी 'वंदे मातरम' विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करती। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकारें तुष्टिकरण के कारण ऐसे कदम उठाने से पीछे हट जाती थीं, लेकिन मोदी सरकार राष्ट्र के मान, सम्मान और गौरव से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगी। 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान देश की अस्मिता से जुड़े प्रतीक हैं। जो भी इनका अपमान करेगा, उसे कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एंटी-पेपर लीक कानून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने छात्रों के हितों से समझौता न करने का जो वादा किया था, उसे सरकार ने संसद से कठोर कानून पारित कर पूरा कर दिया है। अब पेपर लीक कराने वाले संगठित गिरोहों और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नए कानून में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामलों का शीघ्र निपटारा और दोषियों को जल्द सजा दिलाने का प्रावधान किया गया है। यह कानून केवल अपराधियों पर कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए बनाया गया है और इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा विश्वास और मजबूत होगा।

--आईएएनएस

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