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विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026: समय पर जांच और टीकाकरण से बच सकती हैं लाखों जिंदगियां

हेपेटाइटिस: आइए इसे समझें और समय पर जांच करवाएं
विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2026: समय पर जांच और टीकाकरण से बच सकती हैं लाखों जिंदगियां

नई दिल्ली, 28 जुलाई (आईएएनएस)। हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो लिवर (यकृत) को प्रभावित करती है और समय पर पहचान न होने पर सिरोसिस, लिवर फेल्योर और लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। यही वजह है कि हर साल 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस बीमारी, इसके खतरों और बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक किया जा सके।

इस साल की थीम है—"हेपेटाइटिस: आइए इसे समझें।" इसका मतलब है कि बीमारी से जुड़े डर, गलतफहमियों और इलाज तक पहुंच में आने वाली रुकावटों को खत्म किया जाए, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति समय पर जांच और इलाज करा सके।

हेपेटाइटिस मुख्य रूप से पांच तरह के वायरस- हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई के कारण होता है। इनमें हेपेटाइटिस बी और सी सबसे ज्यादा गंभीर माने जाते हैं। अगर समय पर इनका इलाज न हो, तो ये लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वर्ष 2024 में दुनिया भर में करीब 28.7 करोड़ लोग हेपेटाइटिस बी या सी के साथ जी रहे थे। चिंता की बात यह भी है कि इसी वर्ष 13 लाख लोगों की मौत इन दोनों संक्रमणों के कारण हुई। वहीं, जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस-बी का टीका पाने वाले नवजातों की संख्या केवल 45 प्रतिशत रही।

अच्छी बात यह है कि हेपेटाइटिस से बचाव और इलाज दोनों संभव हैं। हेपेटाइटिस ए और बी के लिए प्रभावी टीके उपलब्ध हैं। वहीं, हेपेटाइटिस सी का इलाज भी आधुनिक दवाओं से संभव है। इसलिए समय पर जांच, सही इलाज और नियमित चिकित्सा सलाह इस बीमारी को गंभीर होने से रोक सकती है।

बचाव के लिए कुछ आसान आदतें अपनाना भी बेहद जरूरी है। हमेशा साफ और सुरक्षित पानी पिएं, स्वच्छ भोजन करें, हाथ धोने की आदत डालें और केवल जांचे हुए सुरक्षित रक्त का ही इस्तेमाल सुनिश्चित करें। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह के अनुसार हेपेटाइटिस ए और बी का टीकाकरण जरूर करवाएं।

बता दें दि विश्व हेपेटाइटिस दिवस नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. बारूक ब्लमबर्ग की जयंती पर मनाया जाता है। उन्होंने हेपेटाइटिस-बी वायरस की खोज की थी और इसी शोध ने इस बीमारी की रोकथाम और टीके के विकास का रास्ता खोला।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस