मुंबई, 4 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने शनिवार को विकराल रूप धारण कर लिया। सुबह से शाम तक हुई मूसलाधार वर्षा ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। कई निचले इलाकों में भारी जलभराव, सड़कों पर घुटनों से कमर तक पानी, घरों और दुकानों में पानी घुसने तथा यातायात व रेल सेवाओं पर असर से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। इसके बावजूद वसई-विरार शहर महानगरपालिका, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और पुलिस प्रशासन ने समन्वय के साथ लगातार राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा।
भारी बारिश के चलते विरार के ग्लोबल सिटी, पुष्पानगर, मधुबन स्मार्ट सिटी, पुराना विवा विद्यालय, बोळींज रोड और चंदनसार क्षेत्र जलमग्न हो गए। नालासोपारा के स्टेशन रोड, तुलिंज रोड, नगीनदास पाड़ा, विजय नगर, सेंट्रल पार्क, वाकणपाड़ा, धानिव बाग, गालानगर तथा एसटी डिपो परिसर में भी भारी जलभराव देखने को मिला। वहीं, वसई के देवतलाव, सागरशेत, चुळणे, माणिकपुर, भुईगांव, अर्नाला रोड, गिरीज, बसंत नगरी रोड, सातीवली, रेंज नाका और एवरशाइन सहित कई इलाकों में पानी भर गया। नायगांव पूर्व-पश्चिम, चिंचोटी तथा कामण-भिवंडी मार्ग पर भी जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा।
लगातार बारिश के कारण कई आवासीय सोसायटियों के भूतल स्थित घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। वहीं, नालासोपारा और वसई के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लोकल ट्रेन सेवाएं करीब 20 से 25 मिनट की देरी से संचालित हुईं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
हालात की गंभीरता को देखते हुए वसई-विरार के महापौर अजीव पाटिल, महानगरपालिका आयुक्त पृथ्वीराज बीपी, पालघर की जिलाधिकारी इंदुराणी जाखड़, तथा अतिरिक्त आयुक्त संजय हेरवाड़े लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
बारिश के दौरान महानगरपालिका का अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में डटा रहा। आयुक्त पृथ्वीराज बीपी के मार्गदर्शन तथा प्रमुख अग्निशमन अधिकारी रोहन मोरे के नेतृत्व में चलाए गए रेस्क्यू अभियान के दौरान अब तक कुल 222 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें सकवार से 19, सारजा मोरी से 12, विराटनगर सुंदरनगर से 5, निर्मल से 30, संतोष भवन से 10, सातीवली-आचोळे से 2, वसई स्टेशन से 3, मधुबन से 41 तथा राजावली से 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। वहीं, राजावली वाघराळपाड़ा क्षेत्र में बाढ़ के पानी में लापता हुए 55 वर्षीय व्यक्ति की तलाश लगातार जारी है।
वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, वसई-विरार शहर महानगरपालिका क्षेत्र में 4 जुलाई 2026 को सुबह 7:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक औसतन 213 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रभाग समिति बी और ई में सर्वाधिक 231 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा प्रभाग डी में 229 मिमी, सी में 219 मिमी, एफ में 216 मिमी, ए में 213 मिमी, जी में 205 मिमी, एच में 191 मिमी तथा आई में 179 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसी दौरान समुद्र में सुबह 2:26 बजे 2.68 मीटर तथा दोपहर 3:07 बजे 3.26 मीटर की हाई टाइड रिकॉर्ड होने से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है तथा नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।