नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के अन्य सांसदों ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी और अन्य मुद्दों को लेकर प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों पर गोलियां चलाई गईं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई या लाठीचार्ज किया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णय लेने वालों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र है, किसी का शाही दरबार नहीं, इसलिए सरकार को इन घटनाओं पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा का मंच है और किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा से बचती है तो यह संसद और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है। खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें राम विरोधी और राष्ट्र विरोधी बताने की कोशिश कर रही है।
राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चढ़ावे संबंधी विवाद को लेकर खड़गे ने कहा कि विपक्ष भगवान राम का विरोध नहीं कर रहा बल्कि यह जानना चाहता है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे, सोने-चांदी और अन्य चढ़ावे का उपयोग किस प्रकार किया गया। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी कथित भूमि अनियमितताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग करता है तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार पर स्वतंत्र विचारों को दबाने और राजनीतिक विरोध को राष्ट्रवाद से जोड़ने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विरोध मार्च की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा से इसलिए की गई ताकि सरकार गांधी के विचारों से प्रेरणा लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की घटनाओं में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। सरकार को यह बताना चाहिए कि लाठीचार्ज क्यों किया गया, नुकीली लाठियों का इस्तेमाल क्यों हुआ और पैलेट गन क्यों चलाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोप नए नहीं हैं बल्कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही इस तरह के सवाल उठते रहे हैं।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि विपक्ष इसी के खिलाफ आवाज उठा रहा है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर पूरे मामले पर विस्तृत बयान दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गोलीबारी और पैलेट गन के इस्तेमाल से बच्चे घायल हुए हैं। प्रतापगढ़ी ने कहा कि संसद के भीतर इन घटनाओं पर चर्चा होना आवश्यक है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
इमरान प्रतापगढ़ी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि इंडी अलायंस लगातार केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वहां के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आस्था के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी सरकार को पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए।
--आईएएनएस
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