नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली टूरिज्म के अधिकारियों की खराब प्लानिंग और ढीली देखरेख की वजह से शहर के खास इवेंट 35वें सालाना मैंगो फेस्टिवल की कमियां सामने आ गईं। वीकेंड पर दिल्ली हाट, जनकपुरी में बारिश, जाम रास्तों और अवैध पार्किंग की वजह से कुछ लोगों को खराब अनुभव हुआ।
हरि नगर के एक निवासी ने शिकायत की कि सही पार्किंग फीस देने के बावजूद उनकी कार दिल्ली हाट, जनकपुरी (जहां फेस्टिवल हो रहा था) के पास एक ऑफिशियल पार्किंग लॉट में बेतरतीब ढंग से खड़ी प्राइवेट बसों के बीच फंस गई। हमारी शिकायत सुनने के लिए वहां दिल्ली टूरिज्म का कोई सीनियर अधिकारी मौजूद नहीं था। ऑफिशियल तौर पर बताए गए पार्किंग जोन का इस्तेमाल करने के बावजूद प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने हमारे साथ बदसलूकी की और हमें धमकाया।
साकेत से आईं श्वेता ने शिकायत की कि दिल्ली हाट का पार्किंग लॉट दिल्ली टूरिज्म के अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों की गाड़ियों से भरा हुआ था, जबकि आम जनता को गड्ढों और जमा हुए बारिश के पानी वाली पार्किंग जगह का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा, "पार्किंग लॉट से निकलना मेरे लिए एक बुरा सपना जैसा था, जिसके लिए मैंने 40 रुपए की फीस दी थी। पार्किंग लॉट बेतरतीब ढंग से खड़ी बसों से भरा हुआ था और शनिवार दोपहर को बाहर निकलने में मुझे एक घंटा लग गया।"
उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने ऑफिस में आराम से बैठे रहते हैं और मनोरंजन के कुछ पल बिताना चाहने वाले आम नागरिक को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दिल्ली हाट, जनकपुरी में इस इवेंट के आयोजन पर फिर से विचार करने की अपील की।
पंजाब से आए एक विजिटर मेहर सिंह ने कहा कि बारिश से वेन्यू भीग गया था और गीले कारपेट की वजह से उनका पैर फिसल गया। एग्जिबिशन हॉल के बाहर विजिटर्स के लिए बारिश से बचने का कोई इंतजाम नहीं था, जबकि अधिकारी अपने ऑफिस के कमरों में थे। पिछले साल त्यागराज स्टेडियम में हुए मैंगो फेस्टिवल के अनुभव के बाद मैं बहुत उम्मीदों के साथ यहां आया था।
सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली टूरिज्म के अधिकारियों ने विजिटर्स के लिए बुनियादी सुविधाओं को नजरअंदाज कर दिया है, जबकि राजधानी में होने वाले इवेंट्स में ऊंचे, वर्ल्ड-क्लास स्टैंडर्ड्स की उम्मीद की जाती है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 35वें सालाना मैंगो फेस्टिवल का उद्घाटन किया था, जहां तीन दिनों तक आम की 400 से ज्यादा किस्में दिखाई गईं।
--आईएएनएस
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