दिल्ली दंगा मामला: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्या केस में ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों की सजा पर 23 जुलाई से सुनवाई

दिल्ली दंगा मामला: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्या केस में ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों की सजा पर 23 जुलाई से सुनवाई

 

नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व आम आदमी पार्टी नेता ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अब अदालत 23 जुलाई से दोषियों की सजा पर सुनवाई शुरू करेगी। इस मामले के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी तेज हो गया है।

अब सभी की नजर 23 जुलाई से शुरू होने वाली सजा पर सुनवाई पर टिकी है, जहां अदालत दोषियों के खिलाफ सजा की अवधि तय करेगी।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि दंगों के दौरान हिंसक भीड़ ने अंकित शर्मा पर हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ताहिर हुसैन सहित पांच आरोपियों को दोषी ठहराया। अब अदालत सजा की अवधि तय करने के लिए दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगी।

फैसले के बाद विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "फरवरी 2020 की घटनाओं ने दिखाया कि दंगों के दौरान छतों पर हथियार, पेट्रोल बम, पत्थर और अन्य हमलावर सामग्री पहले से जुटाई गई थी। ताहिर हुसैन का परिसर किसी सामान्य घर की तरह नहीं, बल्कि हिंसक गतिविधियों के केंद्र जैसा दिखाई देता था। वहां एकत्र लोगों ने स्थानीय हिंदू समुदाय को निशाना बनाया और उनके घरों पर हमले किए।"

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "दोषियों को सजा मिलना न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करता है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर फैसला दिया है और अंकित शर्मा के परिवार को न्याय मिलना सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि इसे राजनीतिक लाभ के बजाय न्याय के नजरिए से देखा जाना चाहिए। यदि फैसले को उच्च अदालत में चुनौती दी जाती है, तो अभियोजन पक्ष को मजबूत तरीके से अपना पक्ष रखना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को अंतिम न्याय मिल सके।"

--आईएएनएस

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