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सीपीआई का मंत्री आधव अर्जुन को जवाब, बोले- डीएमके सरकार की गलतियों के लिए वामपंथी जिम्मेदार नहीं

पूर्व डीएमके सरकार की गलतियों के लिए वामपंथियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: सीपीआई नेता
सीपीआई

चेन्नई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के तमिलनाडु राज्य सचिव एम. वीर पांडियन ने मंगलवार को मंत्री आधव अर्जुन की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने वामपंथी दलों से पिछली डीएमके सरकार के दौरान राजमार्ग और लोक निर्माण विभागों में अनियमितताओं के बारे में स्पष्टीकरण देने को कहा था।

वीर पांडियन ने कहा कि कम्युनिस्ट दलों को उस प्रशासन के कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, जिसे उन्होंने बाहर से समर्थन दिया था। साथ ही उन्होंने मंत्री को वामपंथियों के लंबे संघर्ष इतिहास और सार्वजनिक जीवन में उनके रिकॉर्ड को समझे बिना आरोप लगाने के प्रति आगाह किया।

उन्होंने अर्जुन को वामपंथी दलों पर आरोप लगाने से पहले कम्युनिस्ट आंदोलन का इतिहास पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मंत्री को न केवल उस इतिहास को पढ़ना और समझना चाहिए, बल्कि उसे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ साझा भी करना चाहिए।

अर्जुन ने मदुरंतकम में एक सभा को संबोधित करते हुए यह मुद्दा उठाया था। पूर्व डीएमके प्रशासन के दौरान भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि क्या कम्युनिस्ट दल ईमानदारी से यह दावा कर सकते हैं कि उस सरकार के कार्यकाल में कोई कुकर्म नहीं हुआ था?

इस चुनौती को खारिज करते हुए वीरपांडियन ने कहा कि वामपंथियों ने पूर्व डीएमके सरकार को लोकतंत्र की रक्षा के लिए समर्थन दिया था और इस समर्थन से कम्युनिस्ट दल पूर्व प्रशासन द्वारा लिए गए हर निर्णय या की गई हर गलती के लिए उत्तरदायी नहीं हो जाते।

उन्‍होंने कहा, “क्या हमें पांच साल बाद दूसरों की गलतियों का हिसाब देना चाहिए? हमारा समर्थन पिछली सरकार के साथ हुए समझौते पर आधारित था और बाहर से दिया गया था। हमें उसकी गलतियों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।”

वीरपांडियन ने यह भी स्पष्ट किया कि कम्युनिस्ट पार्टियों का किसी भी परिस्थिति में विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम सरकार को अस्थिर करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के साथ राजनीतिक मतभेदों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा और इसे सरकार गिराने की कोशिश के रूप में नहीं दिखाया जाना चाहिए।

उन्होंने कम्युनिस्ट आंदोलन की निष्ठा का बचाव करते हुए कहा कि तमिलनाडु में आंदोलन के लंबे राजनीतिक इतिहास में किसी भी कम्युनिस्ट को भ्रष्टाचार के मामले में किसी भी अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने न तो रिश्वत ली है और न ही दूसरों द्वारा भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी को देखकर चुप रहे हैं।

वीर पांडियन ने अर्जुन से आग्रह किया कि वे वामपंथ पर आरोप लगाने से पहले संयम बरतें और ऐतिहासिक तथ्यों की जांच करें। उन्होंने कहा कि किसी सरकार को दिया गया राजनीतिक समर्थन उसके सभी कार्यों की बिना शर्त स्वीकृति के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी