चेन्नई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। नेशनल साउथ इंडियन रिवर्स इंटरलिंकिंग फार्मर्स एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पी. अय्याकन्नू ने मंगलवार को कहा कि संगठन ने अगले महीने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का अनुरोध किया है। वे कर्नाटक से 1 लाख करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग करना चाहते हैं, क्योंकि कर्नाटक पर कावेरी नदी का पानी न छोड़ने का आरोप है, जिसके कारण तमिलनाडु के किसानों को सूखे का सामना करना पड़ा है।
आईएएनएस से बात करते हुए अय्याकन्नू ने कहा, "संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु हर महीने कर्नाटक को (कावेरी नदी का) पानी देता है, लेकिन कर्नाटक ऐसा करने से इनकार कर देता है। नतीजतन, सूखे से सभी बड़े, छोटे और सीमांत किसान प्रभावित हो रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि 4 सितंबर को एसोसिएशन दिल्ली जाएगी और राष्ट्रपति मुर्मु को एक ज्ञापन सौंपेगी। इसमें कर्नाटक सरकार से "नियमों और कानूनों के अनुसार" कावेरी नदी का पानी न छोड़ने के आरोप में 1 लाख करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा, "हमने राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति के लिए पहले ही एक पत्र भेज दिया है... तमिलनाडु के किसानों को आत्महत्या करने से रोकने के लिए उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए।"
इस बीच, तमिलनाडु के जलाशयों में पानी का स्तर काफी गिर गया है, क्योंकि कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और असामान्य रूप से उच्च तापमान राज्य के जल संसाधनों पर दबाव डाल रहे हैं।
सोमवार तक, जल संसाधन विभाग द्वारा निगरानी किए जा रहे 90 जलाशयों में कुल मिलाकर 83.124 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसीएफटी) पानी था, जो उनकी कुल क्षमता 224.343 टीएमसीएफटी का केवल 37.05 प्रतिशत है।
यह स्थिति एक साल पहले की तुलना में काफी खराब है, जब इसी अवधि के दौरान जलाशयों में 189.545 टीएमसीएफटी पानी था।
मौजूदा मात्रा पिछले साल के स्तर से आधी से भी कम है, जो बारिश की कमी की गंभीरता को उजागर करती है और कई जिलों में सिंचाई और पीने के पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ाती है।
केवल तेनकासी जिले का गुंडार जलाशय ही अपनी 18.43 मिलियन क्यूबिक फीट की पूरी क्षमता तक पहुंचा है। अन्य अधिकांश जलाशय अपनी भंडारण सीमा से काफी नीचे हैं।
90 जलाशयों में से 58 में 25 प्रतिशत से कम भंडारण है, 14 में 26 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच, 15 में 51 प्रतिशत से 76 प्रतिशत के बीच और केवल दो ने 80 प्रतिशत का आंकड़ा पार किया है। कावेरी डेल्टा में सिंचाई के लिए तमिलनाडु के सबसे अहम जलाशय, मेट्टूर में सोमवार को 43.275 टीएमसीएफटी पानी था, जो इसकी कुल 93.470 टीएमसीएफटी क्षमता का 46.30 प्रतिशत है।
--आईएएनएस
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