चेन्नई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। तमिलनाडु विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार से फिर से शुरू हो गया। टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद पहली बार इसमें 'प्रश्नकाल' होगा।
विधानसभा में 5 अगस्त को 2026-27 का आम बजट और 6 अगस्त को कृषि बजट पेश किया गया था। सदस्यों ने 7, 10 और 11 अगस्त को इन दोनों वित्तीय ब्योरों पर चर्चा की थी। वित्त मंत्री मारिया विल्सन और कृषि मंत्री विनोद ने 12 अगस्त को चर्चा का जवाब दिया और सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और कृषि योजनाओं के बारे में बताया। अनुदान की मांगों पर विभाग-वार चर्चा 17 अगस्त को शुरू हुई थी।
सदन ने अब तक 27 विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा पूरी कर ली है। बुधवार को ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की सरकारी छुट्टी के कारण कार्यवाही रोक दी गई थी। गुरुवार सुबह से कार्यवाही फिर शुरू हो रही है। दिन की कार्यवाही 'प्रश्नकाल' से शुरू होने की उम्मीद है।
हालांकि, विधानसभा आमतौर पर तय समय में लगभग 10 सवाल लेती है, लेकिन अभी केवल पांच सवाल ही लिस्ट किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सवालों की संख्या कम होने का कारण विधायकों की ओर से पूछे गए सवालों पर संबंधित विभागों से पूरे जवाब मिलने में देरी है।
प्रश्नकाल के बाद, भाजपा विधायक भोजराजन की ओर से सरकार का ध्यान ऊटी बोट हाउस को एक प्राइवेट ऑपरेटर को सौंपने के प्रस्ताव की ओर दिलाया जा सकता है। इस मुद्दे पर पब्लिक टूरिज्म एसेट्स (सार्वजनिक पर्यटन संपत्तियों) के मैनेजमेंट और किसी भी प्राइवेट भागीदारी व्यवस्था में जरूरी सुरक्षा उपायों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
इसके बाद सदन सामाजिक न्याय विभाग और पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों के कल्याण से जुड़े विभागों की अनुदान मांगों पर विचार करेगा। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों के सदस्यों के चर्चा में भाग लेने की उम्मीद है, जो कल्याणकारी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन, फंड के आवंटन और पात्र समुदायों तक लाभ पहुंचाने के बारे में सवाल उठाएंगे।
सामाजिक न्याय मंत्री वन्नियारसु और पिछड़े वर्ग, अति पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री वी. संपतकुमार विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों का जवाब देंगे। अनुदान मांगों पर सदन में वोटिंग से पहले दोनों मंत्रियों की ओर से अपने-अपने विभागों से संबंधित नई योजनाओं और नीतिगत उपायों की घोषणा करने की भी उम्मीद है।
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