टिहरी में ग्रामीण विकास परियोजनाओं की समीक्षा, समय पर काम पूरा करने के निर्देश: जोत सिंह बिष्ट

टिहरी में ग्रामीण विकास परियोजनाओं की समीक्षा, समय पर काम पूरा करने के निर्देश: जोत सिंह बिष्ट

टिहरी, 14 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड रूरल कंस्ट्रक्शन काउंसिल के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने टिहरी जिले में चल रही रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर, गुणवत्ता और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उन्हें ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद के उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है, जिसके लिए वह उनका आभार व्यक्त करते हैं। वह इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अपने गृह जनपद टिहरी के नई टिहरी प्रखंड में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विभाग के अंतर्गत करीब 20 विभागों से जुड़े कुल 186 विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकांश परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति पर हैं। हालांकि, चंबा ब्लॉक के कानबुंड स्थित प्राथमिक विद्यालय भवन के निर्माण में पुराने भवन को नहीं हटाए जाने के कारण बाधा आ रही है। इस संबंध में उन्होंने ब्लॉक प्रमुख से बातचीत कर समस्या के समाधान का आग्रह किया, जिस पर ब्लॉक प्रमुख ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

जोत सिंह बिष्ट ने ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) से बाहर रह जाने वाले 50 से 250 तक अधिक आबादी वाले राजस्व गांवों और बस्तियों को सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में विभाग लगातार काम कर रहा है। टिहरी जिले में ऐसी 78 बस्तियां और गांव चिन्हित किए गए हैं। 2014-15 से अब तक इनमें से 13 सड़कें बनाई जा चुकी हैं। चालू वर्ष में 9 नई सड़कों का निर्माण और 2 सड़कों का उन्नयन किया जाएगा, जबकि शेष 54 सड़कें आगामी वर्षों में बनाई जाएंगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद क्षेत्र में लगभग 120 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित होगा।

उन्होंने बताया कि इससे पहले मैंने कंडीसौड़ क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की निर्माणाधीन लैब का निरीक्षण किया था। इसके अलावा, कांमड़ा स्थित नागराजा मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों तथा भद्रकाली में पुलिस विभाग के निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक है और विभाग अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रहा है। बिष्ट ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने प्रशासनिक अनुभव के आधार पर कुछ व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं, ताकि कार्यों के निष्पादन में और अधिक दक्षता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि अधिकारी उनकी सलाह को अपनाकर जनता के हित में और बेहतर तरीके से कार्य करेंगे।

इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के लिए एक ऐसे युवा नेतृत्व का चयन किया जिसने केवल सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड ही नहीं बनाया, बल्कि विकास के नए मानक भी स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई, नीति आयोग की विभिन्न रैंकिंग में राज्य ने कई क्षेत्रों में प्रथम स्थान प्राप्त किया और केंद्र सरकार से हजारों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं स्वीकृत हुईं। सड़क, रेलवे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास से जुड़े अनेक कार्य तेजी से आगे बढ़े हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से बड़े उद्योगपतियों को निवेश के लिए आकर्षित किया गया, जिससे रोजगार के अवसर बढ़े और अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। मुख्यमंत्री धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के समय खींची गई विकास की लकीर को और आगे बढ़ाने का सफल प्रयास किया है और उत्तराखंड को विकास के नए आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

--आईएएनएस

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