'ताहिर हुसैन का घर बना था हिंसा का अड्डा', उम्रकैद की सजा पर विश्व हिंदू परिषद का बयान

'ताहिर हुसैन का घर बना था हिंसा का अड्डा', उम्रकैद की सजा पर विश्व हिंदू परिषद का बयान

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। 2020 की इस घटना में छह साल बाद आए फैसले पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भले ही इसमें छह साल लग गए, लेकिन आज का फैसला इस बात का प्रमाण है कि पूरे देश ने क्या देखा था।

उन्होंने कहा, "ताहिर हुसैन का घर और छत हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का अड्डा बन गए थे। हमारी नजर में वहां बड़ी संख्या में इस्लामी चरमपंथी जमा हुए थे, हथियार जमा किए गए थे, वहीं से हमले किए जा रहे थे। इन सब चीजों को आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन ही कोऑर्डिनेट कर रहे थे।"

विनोद बंसल ने कहा कि जहां इन पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, वहीं अब आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और हैदराबाद के उस नेता के लिए भी समय आ गया है कि वे कानून का सम्मान करें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ताहिर हुसैन को लोगों ने म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए चुना था। उन्होंने संविधान के तहत शपथ ली थी। इसके बावजूद उन पर दंगे भड़काने का आरोप था। उनके इलाके में रहने वाले एक इंस्पेक्टर की हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि शरीर पर चाकू के 51 जख्म थे। यह बहुत ही बेरहमी भरा था और फिर शव को नाले में फेंक दिया गया। यह क्रूरता और बर्बरता की हद थी। उन पर दंगे की अगुवाई करने और उन्हें भड़काने का भी आरोप था।

आलोक कुमार का मानना है कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में आता था और इसमें मौत की सजा मिलनी चाहिए थी। हालांकि, कोर्ट के फैसले को सभी को मानना होगा।

बता दें कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा का शव चांद बाग इलाके के एक नाले में मिला था। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर कई घाव पाए गए थे। इस मामले में पुलिस ने ताहिर हुसैन समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया था। कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनवाई के बाद ताहिर हुसैन और चार अन्य आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

--आईएएनएस

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