कोलकाता, 9 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में रविवार को एक बैनर लगाया गया, जिसमें भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को चेतावनी दी गई। बैनर में कहा गया कि अगर कोई भाजपा में शामिल होकर जबरन वसूली करता है तो उसे अंडा थेरेपी का सामना करना पड़ेगा।
सॉल्ट लेक इलाके के भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय पोइरा ने सुबह एक बैनर लगाया, जिसमें दूसरी पार्टियों के नेताओं के भाजपा में शामिल होने पर चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि यही बात उन भाजपा नेताओं पर भी लागू हो सकती है जो जबरन वसूली में शामिल हैं।
आईएएनएस से बात करते हुए संजय पोइरा ने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने सिंडिकेट, जबरन वसूली और 'कट मनी' (अवैध कमीशन) के खिलाफ वोट दिया है। इसलिए अभी हम देख रहे हैं कि भाजपा के दरवाजे थोड़े खुल गए हैं। इसके पीछे राष्ट्रीय हित में राजनीतिक हिसाब-किताब हो सकता है लेकिन जो लोग (तृणमूल कांग्रेस के नेता) इस थोड़े खुले दरवाजे से आ रहे हैं, वे सभी जबरन वसूली और 'कट मनी' लेने में शामिल रहे हैं।"
उन्होंने सरकार बदलने के बाद भाजपा में शामिल होने वालों को चेतावनी दी और कहा कि वे जबरन वसूली न करें, जिसके कारण पिछली सरकार को सत्ता से बाहर किया गया था।
उन्होंने कहा, "हम 'एग थेरेपी' का सहारा नहीं लेना चाहते। हम नेताओं को चेतावनी देना चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जबरन वसूली और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की 'जीरो-टॉलरेंस' नीति है। इसलिए अगर वे जबरन वसूली में शामिल होते हैं, तो उन्हें अंडों का सामना करना पड़ेगा।"
राज्य विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदलने पर पुलिस ने जबरन वसूली, मारपीट, छेड़छाड़ और डराने-धमकाने जैसे कई आरोपों में बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, पूर्व मंत्रियों और पार्षदों को गिरफ्तार किया। ज्यादातर मामलों में जब पुलिस इन नेताओं को ले जा रही थी तो गुस्साई भीड़ ने उन पर अंडे फेंके। कई मौकों पर गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेताओं पर अंडे फेंकते हुए लोगों ने चोर-चोर के नारे भी लगाए।
हाल ही में, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में जबरन वसूली को पूरी तरह से रोकने में नई सरकार को कुछ समय लगेगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को भी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि अगर भ्रष्टाचार के कोई आरोप लगते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को पिछली लेफ्ट फ्रंट और तृणमूल कांग्रेस सरकारों के दौरान हावी रही पार्टी की राजनीति की छाया से बाहर निकलने का संदेश दिया।
--आईएएनएस
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