रांची, 16 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरुद्ध रांची में छात्रों का आंदोलन 23वें दिन भी जारी है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन करने और पुतला दहन का ऐलान किया है।
छात्रों के प्रदर्शन को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडेय ने आईएएनएस से कहा कि छात्रों का यह लोकतांत्रिक अधिकार है। वे पुतला जला सकते हैं या जो चाहें कर सकते हैं। उन्हें अपनी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए। यह झारखंड है, यह रांची है और वे भी यह बात जानते हैं। हमारे मुख्यमंत्री और हमारी सरकार संवेदनशील हैं। हम न तो पैलेट गन या लाठियां लेकर घूमते हैं और न ही उन्हें एके-47 दिखाते हैं। इसलिए यह छात्रों का अधिकार है और मुझे उम्मीद है कि वे अपनी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखेंगे।"
सीएम हाउस घेराव की चेतावनी पर मनोज पांडे ने कहा, "इसमें कई ताकतें शामिल हैं। आप लोग भी यह देख सकते हैं। आप इसे दिखाते हैं या नहीं, यह अलग बात है। इसमें कोचिंग माफिया शामिल है। इसमें कोचिंग माफिया की क्या भूमिका है? वे वहां क्यों दिखते हैं? छात्रों के अलावा ये लोग कौन हैं, उनका मकसद और उद्देश्य क्या है और कौन सी राजनीतिक पार्टी उनके पीछे है? जिस राजनीतिक पार्टी की अपनी ताकत न के बराबर हो और जिसे विरोध प्रदर्शन करने के लिए बंगाल से लोगों को बुलाना पड़े, वह छात्रों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने की ही कोशिश करेगी। हर कोई जानता है कि ये लोग कौन हैं।"
राहुल गांधी की छात्रों से मुलाकात पर जेएमएम प्रवक्ता ने कहा, "कांग्रेस एक राष्ट्रीय और जिम्मेदार पार्टी है। उनके प्रभारी एक वरिष्ठ नेता हैं। अगर उन्होंने छात्रों की बातें सुनी हैं, तो वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे। बातचीत के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा, इसलिए यह अच्छी बात है। वे हमारे सहयोगी और गठबंधन का हिस्सा हैं। मेरा मानना है कि उनकी कोशिशें और उनकी सोच सकारात्मक है।"
--आईएएनएस
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