श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर भड़काऊ बयानबाजी से बचें, अदालत पर भरोसा रखें : तनवीर अहमद

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर भड़काऊ बयानबाजी से बचें, अदालत पर भरोसा रखें : तनवीर अहमद

मथुरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। शाही ईदगाह कमेटी के सेक्रेटरी और वकील तनवीर अहमद ने लोगों से अपील की कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर भड़काऊ बयान देने से बचें और अदालतों पर भरोसा रखें। उन्होंने राम मंदिर के लिए मिले दान और मथुरा-वृंदावन में मंदिरों से जुड़ी जमीन की खरीद में कथित गड़बड़ियों की जांच की भी मांग की।

तनवीर अहमद ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद पर कई मामले कोर्ट में लंबित हैं। लंबित मामलों में भड़काऊ बयानबाजी उचित नहीं है, लोगों को कानून पर भरोसा रखना चाहिए। मथुरा का मामला बिल्‍कुल अलग है, अयोध्‍या में श्रीराम लला त्रिपाल में बैठे थे, लेकिन म‍थुरा में श्रीकृष्‍ण का भव्‍य मंदिर बना हुआ है और पूजा-अर्चना चल रही है।

उन्‍होंने कहा कि मस्जिद और मंदिर के रास्‍ते भी अलग हैं। मस्जिद में पांच वक्‍त नमाज होती है और मंदिर में भजन-पूजन। वैसे भी यह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है, कहीं किसी प्रकार का विवाद नहीं है। उन्‍होंने कहा कि काफी लंबा समय बीत जाने के बाद अब आवाज उठाई जा रही है। ऐसे में जो मुकदमे न्‍यायालय में लंबित हैं तो फैसले का इंतजार करना चाहिए।

तनवीर अहमद ने राम मंदिर के लिए मिले दान चोरी को निंदनीय बताया है। उन्‍होंने कहा कि मंदिर में दिए गए दान के पैसे समाज के सभी वर्गों के द्वारा दिए गए हैं। भक्‍तों ने राम लला के लिए अपनी धनराशि और जेवर समर्पित किए, लेकिन अगर दान की र‍ाशि में गड़बड़ी की जाती है तो निश्चित रूप से दुखद है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। इससे समाज में संदेश जाएगा और लोग भक्‍तों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं करेंगे।

उन्‍होंने कहा कि मंदिर में जितना बड़ा घोटाला सामने आ रहा है, इसमें बड़े लोगों का हाथ हो सकता है। एसआईटी की अंतिम जांच के बाद ही सच्‍चाई सामने आएगी और दोषियों को बख्‍शा नहीं जाना चाहिए। मंदिरों से जुड़ी जमीन की खरीद में गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए, संभव है कि इस मामले की भी जांच हो रही हो।

--आईएएनएस

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