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सरकार की प्राथमिकता में भूमि विवादों का समाधान, 15 अगस्त से 30 हजार भूमिहीनों को मिलेगा बासगीत पर्चा: दिलीप जायसवाल

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पटना, 12 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार भूमिहीन गरीबों को जमीन उपलब्ध कराने के साथ-साथ भूमि विवादों के स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से पूरे बिहार में करीब 30 हजार भूमिहीन लोगों को बासगीत पर्चा वितरित करने का अभियान शुरू किया जाएगा।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित सहयोग कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनने के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि पूरे बिहार से 100 से अधिक लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। ज्यादातर मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग लगातार आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि 15 अगस्त से शुरू होने वाला बासगीत पर्चा वितरण अभियान करीब एक महीने तक चलेगा। उन्होंने दावा किया कि एक साथ 30 हजार भूमिहीन लोगों को पर्चा उपलब्ध कराना देश में पहली बार हो रहा है। इससे भूमिहीन और गरीब परिवारों को अपनी जमीन मिलेगी और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके लिए मकान बनाए जा सकेंगे, यानी बेघर को घर और भूमिहीन को भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।

उन्होंने कहा कि बिहार में चल रहे भूमि सर्वेक्षण को भी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सर्वे अधूरा रहने के कारण जमीन से जुड़े विवाद लगातार सामने आते हैं। उन्होंने दावा किया कि थानों और सिविल अदालतों में 35 से 43 प्रतिशत तक मामले भूमि विवाद से संबंधित होते हैं। परिवारों में भाई-भाई, मां-बेटे और भाई-बहन के बीच भी जमीन को लेकर विवाद होते हैं। सर्वे पूरा होने के बाद राज्य में करीब 90 प्रतिशत भूमि विवाद समाप्त होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को कुछ जिलों में सर्वे पूरा होने की घोषणा करने का प्रयास किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों पर मंत्री ने कहा कि मुआवजा नहीं मिलने या उचित मुआवजा नहीं मिलने की शिकायतों के समाधान के लिए नौ प्रमंडलों में लैंड एक्विजिशन कोर्ट में सेवानिवृत्त जिला जजों को पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर की गई हैं।

उन्होंने बताया कि भूमि विवादों के शीघ्र निष्पादन के लिए बिहार भूमि न्यायाधिकरण (बीएएलटी) में सदस्यों की संख्या पांच से बढ़ाकर सात कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग इन सभी फैसलों को धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रहा है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी