नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां निकलेंगी। इनमें से 17 झांकियां विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की हैं। वहीं, 13 झांकियां विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी। इस वर्ष की झांकियों की व्यापक थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ तथा ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ है।
अनेक झांकियों के माध्यम से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जाएगा। साथ ही आत्मनिर्भरता के आधार पर देश की प्रगति, सांस्कृतिक विविधता, विरासत, नवाचार और विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। अलग-अलग राज्यों की झांकियों की बात करें तो असम की मनमोहक झांकी आशारिकांडी: असम के टेराकोटा शिल्प ग्राम को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ की झांकी स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम् थीम पर है। गुजरात की झांकी स्वदेशी का मंत्र: आत्मनिर्भरता और स्वतंत्रता– वंदे मातरम् को दर्शाएगी।
हिमाचल प्रदेश की झांकी में देव भूमि, वीर भूमि के दर्शन होंगे। जम्मू-कश्मीर की झांकी जम्मू-कश्मीर के हस्तशिल्प और लोकनृत्य को समर्पित रहेगी। केरल की झांकी में वॉटर मेट्रो एवं 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल पर केंद्रित है। महाराष्ट्र की झांकी में गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक दिखाई देगा। मणिपुर की झांकी ‘समृद्धि की ओर: कृषि क्षेत्रों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक’ की थीम पर केंद्रित है। नागालैंड अपनी झांकी में हॉर्नबिल महोत्सव: संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का उत्सव दर्शाएगा।
ओडिशा अपनी झांकी के माध्यम से मिट्टी से सिलिकॉन तक: परंपरा में निहित, नवाचार के साथ उन्नति को दर्शा रहा है। पुडुचेरी की झांकी शिल्प, संस्कृति की समृद्ध विरासत और ऑरोविल विजन को दर्शाएगी। राजस्थान की झांकी मरुस्थल का स्वर्णिम स्पर्श: बीकानेर स्वर्ण कला का परिचय देगी। तमिलनाडु की झांकी में समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाई देगी।
उत्तर प्रदेश इस बार बुंदेलखंड की संस्कृति को प्रदर्शित करेगा। पश्चिम बंगाल भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बंगाल की भूमिका को रेखांकित करेगा। मध्य प्रदेश की झांकी पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर पर आधारित होगी। वहीं, पंजाब की झांकी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत के 350 वर्ष पर केंद्रित है।
मंत्रालयों, विभागों व सेवाओं की झांकियों की बात करें तो वायु सेना मुख्यालय अपनी झांकी में ‘पूर्व सैनिक झांकी: युद्ध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण’ को दिखाएगा। नौसेना अपनी झांकी में समुद्र से समृद्धि को प्रदर्शित करेगी। सैन्य कार्य विभाग त्रि-सेवा झांकी: ऑपरेशन सिंदूर, संयुक्तता से विजय को प्रदर्शित करेगा। संस्कृति मंत्रालय ‘वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ को अपनी झांकी में प्रस्तुत करेगा।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग– राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: विकसित भारत की ओर अग्रसर भारतीय स्कूली शिक्षा पर आधारित झांकी लाएगा।
बता दें कि गणतंत्र दिवस परेड 2026 की ये झांकियां भारत की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक गौरव, नवाचार, आत्मनिर्भरता और विकासशील दृष्टि को एक सशक्त और प्रेरणादायक स्वरूप में देश-दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।
--आईएएनएस
