Advertisement banner

रेजीनगर उपचुनाव की घोषणा से पहले हुमायूं कबीर ने बेटे के लिए 'दीवारकला' की शुरुआत की, जीत का किया दावा

रेजीनगर

कोलकाता, 15 अगस्त (आईएएनएस)। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष और नवादा विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में आगामी उपचुनाव को लेकर अपने बेटे के नाम पर दीवार लेखन (ग्रैफिटी) शुरू कर दिया।

चुनाव आयोग ने अभी तक पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की है, लेकिन हुमायूं कबीर पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि उनके बेटे गोलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन रेजीनगर से एजेयूपी के चुनाव चिन्ह बांसुरी पर चुनाव लड़ेंगे। शनिवार को उन्होंने बेटे के समर्थन में दीवारों पर प्रचार लिखने का काम शुरू कर दिया।

हुमायूं कबीर ने कहा कि रेजीनगर में कई लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन कर रहे हैं और उसके साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है, लेकिन दावा किया कि अंत में एजेयूपी की जीत होगी।

उन्होंने कहा, "गोलाम नबी आजाद रेजीनगर से चुनाव जीतेंगे।" हुमायूं कबीर ने यह भी दावा किया कि भाजपा और राज्य में मुख्यमंत्री बने सुवेंदु अधिकारी की जीत के बाद भी रेजीनगर में कमल नहीं खिल पाएगा।

बता दें कि इस साल हुए विधानसभा चुनाव में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से जीत हासिल की थी। इसी तरह हुमायूं कबीर ने भी एजेयूपी के टिकट पर रेजीनगर और नाओदा दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी।

बाद में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया और हुमायूं कबीर ने भी रेजीनगर सीट छोड़ दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन दोनों सीटों पर अगले दो महीनों में उपचुनाव हो सकते हैं। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से अभी तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में हुमायूं कबीर ने भाजपा उम्मीदवार बपन घोष को 58,876 वोटों से हराया था। वहीं तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अताउर रहमान और हुमायूं कबीर के बीच जीत का अंतर 81,818 वोटों का रहा था।

हुमायूं कबीर को कुल 51.62 प्रतिशत वोट मिले थे, जिससे रेजीनगर में एजेयूपी को बढ़त मिली थी।

10 जुलाई को सीएम सुवेंदु अधिकारी रेजीनगर में एक संगठनात्मक बैठक में पहुंचे थे, जहां उन्होंने रामनगर घाट पर भागीरथी नदी पर पुल निर्माण समेत कई विकास परियोजनाओं का वादा किया था। उन्होंने अगस्त में रेजीनगर में एक और जनसभा करने की भी घोषणा की थी।

ऐसे में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद रेजीनगर उपचुनाव का मुकाबला काफी दिलचस्प और कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी