रौशन आनंद के भाई की मौत की निष्पक्ष जांच होगी, दोषी नहीं बचेंगे: सुनील कुमार

रौशन आनंद के भाई की मौत की निष्पक्ष जांच होगी, दोषी नहीं बचेंगे: सुनील कुमार

पटना, 15 जून (आईएएनएस)। ज्ञान बिंदु कोचिंग के फाउंडर रौशन आनंद के भाई की संदिग्ध हालात में मौत पर बिहार की सियासत तेज हो गई है। पक्ष-विपक्ष जांच की बात कर रहे हैं। दूसरी ओर रौशन आनंद ने बेउर जेल से रिहा होने के बाद दावा किया कि उनके भाई की हत्या के पीछे फैजल खान हैं और हत्या एक षड्यंत्र के तहत करवाई गई है। इस गंभीर मामले में बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में कानून का राज है और पटना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि पटना पुलिस मामले की जांच कर रही है और पुलिस बिना किसी भेदभाव या दबाव के जो भी उचित और सही है, वह कर रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा या जिसकी भी गलती होगी, उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। पुलिस ने ऐसे मामलों में पहले भी कार्रवाई की है और आगे भी करती रहेगी। सभी जानते हैं कि बिहार में कानून का राज है। व्यक्ति कोई भी हो, अगर कोई गलत काम करता है या किसी गैर-कानूनी काम में शामिल होता है, तो कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की जाएगी।

मानसून और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर सरकार की तैयारियों को लेकर मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर और फंड की उपलब्धता के अनुसार शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आपदा प्रबंधन विभाग के जरिए समीक्षा बैठक भी की है और न केवल प्रशासनिक स्तर पर बैठकें हुई हैं, बल्कि सभी जरूरी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन हर जिले में पूरी तरह तैयार और सतर्क हैं और किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

दूसरी ओर, मंत्री ने बताया कि वे पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड कार्यालय में आयोजित जनता के दरबार में शामिल हुए और लोगों की समस्याओं को सुनकर यथासंभव निराकरण का प्रयास किया। इसी कड़ी में जदयू की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया गया।

पोस्ट में लिखा कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार मंत्री सुनील कुमार जद (यू) प्रदेश कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी