नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव, राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले, पासपोर्ट की परिभाषा पर केंद्र सरकार के रुख और बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा के दावों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कई मुद्दों पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाए।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा फिर से नाकेबंदी किए जाने की खबरों पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि दुनिया ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां युद्ध और वैश्विक संकटों को मानवीय दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आर्थिक संकेतकों और बाजार के उतार-चढ़ाव के नजरिए से देखा जा रहा है। पहले शायद ही किसी राष्ट्राध्यक्ष को इस तरह की भाषा बोलते हुए सुना गया हो। युद्ध और सैन्य कार्रवाई को लेकर जिस प्रकार के बयान दिए जा रहे हैं, वे चिंताजनक हैं। पहले दो दिनों में युद्ध समाप्त कराने की बात कही जाती है और उसके कुछ समय बाद नई सैन्य कार्रवाई की घोषणा कर दी जाती है। इससे वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती है।
मनोज झा ने इस पूरे घटनाक्रम में संयुक्त राष्ट्र (यूएनओ) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि संयुक्त राष्ट्र अपनी मूल जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहा है, तो दुनिया के देशों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा कोई भी संकट केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है और वह जंगल की आग की तरह फैल सकता है।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आने वाली एसआईटी रिपोर्ट पर मनोज झा ने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस पूरे मामले को केवल चोरी नहीं, बल्कि आस्था, धार्मिक विश्वास और परंपराओं के साथ गंभीर विश्वासघात बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग स्वयं को रामभक्त बताकर यह मान बैठे थे कि उन पर कोई सवाल नहीं उठेगा, लेकिन भगवान राम के आदर्श ऐसे कृत्यों को स्वीकार नहीं करते। जिन लोगों ने सरकार को वोट दिया, वे भी अब महसूस कर रहे हैं कि उनसे गलती हुई है। इतने गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री की ओर से एक शब्द भी नहीं बोला गया और उनकी चुप्पी ही सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गई है।
केंद्र सरकार की ओर से यह कहे जाने पर कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को नियंत्रित करने वाला एक दस्तावेज है, मनोज झा ने व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इससे पहले पासपोर्ट को केवल यात्रा दस्तावेज बताए जाने पर भी व्यापक चर्चा और आलोचना हुई थी। अब सरकार को एक समिति गठित कर देनी चाहिए, जो पासपोर्ट की परिभाषा तय कर दे और यदि आवश्यकता हो तो संसद के आगामी सत्र में इस विषय पर विधेयक भी ले आए, ताकि इस पर बार-बार अलग-अलग व्याख्याएं सामने न आएं।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर भाजपा की जीत के दावों को लेकर मनोज झा ने कहा कि भाजपा के दावे और वादे कितनी जल्दी धराशायी होते हैं, यह देश कई बार देख चुका है। चुनाव के दौरान उन्हें इस बात की चिंता थी कि कहीं कोई तीसरा मजबूत उम्मीदवार मैदान में न आ जाए। अंततः स्थिति स्पष्ट होने के बाद मुकाबला सीधा रहा और अब उन्हें भरोसा है कि जनता अपने मनोभावों के अनुरूप फैसला करेगी। मनोज झा ने दावा किया कि बांकीपुर की जनता बेहतर निर्णय लेगी और आने वाला चुनावी परिणाम राष्ट्रीय जनता दल के पक्ष में होगा। राजनीतिक दावों से अधिक महत्वपूर्ण जनता का फैसला होता है और उन्हें विश्वास है कि मतदाता इस बार अपने हितों को ध्यान में रखते हुए मतदान करेंगे।
--आईएएनएस
पीएसके





