राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी पर 'आप' का निशाना, पद्मनाभस्वामी मंदिर का दिया उदाहरण

राम मंदिर चढ़ावे में गड़बड़ी पर 'आप' का निशाना, पद्मनाभस्वामी मंदिर का दिया उदाहरण

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले को लेकर सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट पर निशाना साधा। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट है।

उन्होंने केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करीब 2000 वर्षों से अपार संपदा सुरक्षित रखी गई है, जबकि राम मंदिर ट्रस्ट कथित तौर पर ढाई साल में भी चढ़ावे को सुरक्षित नहीं रख पाया।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देशभर में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की बातें करने वाले लोग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उनका कहना था कि यदि भारतीय संस्कृति और धार्मिक ईमानदारी का वास्तविक उदाहरण देखना हो तो पद्मनाभस्वामी मंदिर को देखा जाना चाहिए, जहां सदियों से श्रद्धालुओं और विभिन्न राजाओं द्वारा भगवान विष्णु को अर्पित किए गए सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य बहुमूल्य आभूषण आज भी सुरक्षित हैं।

उन्होंने दावा किया कि पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोना, चांदी, रूबी, हीरे, मुकुट, सिंहासन, 18-18 फुट लंबी स्वर्ण श्रृंखलाएं तथा मध्यकालीन, रोमन और नेपोलियन काल के दुर्लभ सिक्के मौजूद हैं। इन खजानों की अनुमानित कीमत 3 से 4 लाख करोड़ रुपए या उससे अधिक बताई जाती है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2011 में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में मंदिर के कुछ तहखानों की गणना कराई गई थी, जिसमें करीब सवा लाख करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति का आकलन सामने आया था। मंदिर में वर्ष में कई बार पूजा-अर्चना के लिए इन बहुमूल्य आभूषणों को बाहर निकाला जाता है और पूजा के बाद दोबारा सुरक्षित रख दिया जाता है।

आप नेता ने कहा कि पिछले दो हजार वर्षों में अनेक राजा, राजवंश और शासन बदले, लेकिन किसी ने मंदिर की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया। इसे भारतीय सभ्यता और धार्मिक परंपराओं की सबसे बड़ी मिसाल बताया जा सकता है। राम मंदिर ट्रस्ट पर निशाना साधते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई संस्था चार-पांच वर्षों तक भी एक मंदिर के चढ़ावे और व्यवस्था को ईमानदारी से नहीं संभाल पाती तो जनता को यह भी सोचना चाहिए कि ऐसे लोग देश और राज्यों का संचालन किस प्रकार करेंगे।

उन्होंने कथित चढ़ावा चोरी के मामले में निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

--आईएएनएस

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