इनामी नक्सली कमांडर ब्रजेश गंझू की मुठभेड़ में मौत पर पूर्व विधायक ने उठाए सवाल, जांच की मांग

इनामी नक्सली कमांडर ब्रजेश गंझू की मौत पर सवाल, जांच की मांग
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रांची, 21 सितंबर (आईएएनएस)। वाराणसी में उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारे गए प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के भाई और सिमरिया के पूर्व विधायक गणेश गंझू ने मुठभेड़ पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी बताया है।

उन्होंने दावा किया कि ब्रजेश को झारखंड के चतरा से पकड़कर उत्तर प्रदेश ले जाया गया और वहां साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

यूपी पुलिस की एसटीएफ ने ब्रजेश को रविवार सुबह वाराणसी में मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया था। उस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख और एनआईए ने पांच लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

ब्रजेश का शव सोमवार को चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव लुट्टू सोहावन पहुंचा। उसके भाई पूर्व विधायक गणेश गंझू ने पत्रकारों से बातचीत में यूपी पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाया कि रामनगर इलाके में रोकने की कोशिश के दौरान बाइक सवार ब्रजेश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से उसकी मौत हो गई।

गणेश गंझू ने सवाल किया कि यदि ब्रजेश बाइक चला रहा था तो वह एक साथ दोनों हाथों में पिस्तौल लेकर कैसे फायरिंग कर सकता था। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

हालांकि पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान ब्रजेश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ। बाद में अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

गणेश गंझू ने झारखंड पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पहले ब्रजेश का इस्तेमाल माओवादियों के खिलाफ किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

पूर्व विधायक ने कहा कि उनका भाई ब्रजेश सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेता था। उन्होंने बताया कि ब्रजेश वर्ष 2010 से पंचायत प्रतिनिधि चुना गया था और इसके बाद से वह गरीबों के लिए काम करता था। उसने कई गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद की। उसने लावालौंग में गोपाल सिंह भोक्ता इंटर कॉलेज की स्थापना भी की थी। गणेश गंझू ने कहा कि नक्सलवाद से निपटने के लिए केवल सुरक्षा कार्रवाई के बजाय इसके कारणों पर भी काम करने की जरूरत है।

--आईएएनएस

एसएनसी/वीसी