प्रयागराज, 22 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पद्मा एकादशी के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंचे और पवित्र डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की।
इस अवसर पर एक श्रद्धालु ने आईएएनएस को बताया कि आज पद्मा एकादशी है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा की जाती है। वर्तमान में चातुर्मास चल रहा है और मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, इसलिए इस एकादशी का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि आज के दिन गंगा स्नान करने से अनंत पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पूजा, अनुष्ठान और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि वह गंगा स्नान और ठाकुर जी की पूजा-अर्चना के लिए आए हैं। उन्होंने मां गंगा से प्रार्थना की कि संसार के सभी लोग सुखी और प्रसन्न रहें और उनके साथ वे स्वयं भी सुखी रहें।
वहीं, तीर्थ पुरोहित गोपाल जी ने बताया कि आज पद्मा एकादशी है और मंगलवार होने के कारण हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व है। एकादशी और मंगलवार का संयोग होने से आज का दिन और भी शुभ हो गया है। आज से कई श्रद्धालुओं की गया यात्रा भी शुरू हो रही है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज में इस समय काफी भीड़ देखी जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम तट पर पहुंच रहे हैं। पद्मा एकादशी, मंगलवार और गया जाने वाली एकादशी का एक साथ पड़ना इस दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है।
पुरोहित के अनुसार, प्रयागराज में स्नान, पूजन, ध्यान और पिंडदान जैसे सभी धार्मिक कार्यों का अनंत गुना फल मिलता है। ऐसी मान्यता है कि यहां स्नान करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। इससे मन भी पवित्र होता है और भावनाएं शुद्ध होती हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/पीएम





